नम्रता से बोलना हर एक का आदर करना शुक्रिया अदा करना और माफ़ी माँगना ये चार गुण जिस व्यक्ति के पास है वो सबके क़रीब और सबके लिए खास है
लहज़े कब तक मीठे रखने है आजकल ये ज़रूरतें तय करती है
खुद मेँ झाँकने के लिए जिगर चाहिए दूसरों की शिनाख्त में तो हर शख़्स माहिर है
होकर मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये, जिंदगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये
गुरू केवल आपको शिक्षा दे सकता है उसका उपयोग कैसे करना है ये आपके ऊपर निर्भर करता हैं ।
किरण चाहे सूरज की हो या आशा की जीवन के सभी अंधकार को मिटा देती हैं
नम्रता से बोलना हर एक का आदर करना शुक्रिया अदा करना और माफ़ी माँगना ये चार गुण जिस व्यक्ति के पास है वो सबके क़रीब और सबके लिए खास है
लहज़े कब तक मीठे रखने है आजकल ये ज़रूरतें तय करती है
खुद मेँ झाँकने के लिए जिगर चाहिए दूसरों की शिनाख्त में तो हर शख़्स माहिर है
होकर मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये, जिंदगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये
गुरू केवल आपको शिक्षा दे सकता है उसका उपयोग कैसे करना है ये आपके ऊपर निर्भर करता हैं ।
किरण चाहे सूरज की हो या आशा की जीवन के सभी अंधकार को मिटा देती हैं