जहाँ दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना बहतर होता है.

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धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहना भी अच्छा है..कम से कम उन लोगो से तो आगे रहोगे जो Try भी नही कर रहे

किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है

कभी भी अपने अतीत, धन, नकारात्मकता और अन्य लोगो के CONTROL में न रहे

कड़ी मेहनत और खुदा की रहमत इंसान को गिरने नही देती...

मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो

किसी पर ज्यादा नाराज होने से बेहतर है कि अपने जीवन मे उसकी अहमियत कम कर दो

धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहना भी अच्छा है..कम से कम उन लोगो से तो आगे रहोगे जो Try भी नही कर रहे

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कभी भी अपने अतीत, धन, नकारात्मकता और अन्य लोगो के CONTROL में न रहे

कड़ी मेहनत और खुदा की रहमत इंसान को गिरने नही देती...

मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो

किसी पर ज्यादा नाराज होने से बेहतर है कि अपने जीवन मे उसकी अहमियत कम कर दो