अपने अंदर के छोटे-छोटे कमियों को सुधार लीजिये, क्योंकि एक छोटा सा छेद ही समुंद्री जहाज के डूबने का कारण बन जाता है
गलत व्यक्ति कितना भी मीठा बोले, एक दिन आपके लिए "बीमारी" बन जाएगा अच्छा व्यक्ति कितना भी कड़वा लगे, एक दिन "औषधि" बन कर काम आएग
ब्राह्मण, गुरु, अग्नि, कुंवारी कन्या, बालक, और वृद्धों को पेरो से नहीं छूना चाहिए. ये सभी आदरणीय है. हमें इन्हें आदर-सम्मान देना चाहिए.
रिश्तों की खूबसूरती एक दूसरे की बात समझने में है ख़ुद जैसा इंसान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।
भगवान से कुछ मांगना है तो सदबुद्धिद मांगिए बाकी सब अपने आप मिल जायेगा
कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो
अपने अंदर के छोटे-छोटे कमियों को सुधार लीजिये, क्योंकि एक छोटा सा छेद ही समुंद्री जहाज के डूबने का कारण बन जाता है
गलत व्यक्ति कितना भी मीठा बोले, एक दिन आपके लिए "बीमारी" बन जाएगा अच्छा व्यक्ति कितना भी कड़वा लगे, एक दिन "औषधि" बन कर काम आएग
ब्राह्मण, गुरु, अग्नि, कुंवारी कन्या, बालक, और वृद्धों को पेरो से नहीं छूना चाहिए. ये सभी आदरणीय है. हमें इन्हें आदर-सम्मान देना चाहिए.
रिश्तों की खूबसूरती एक दूसरे की बात समझने में है ख़ुद जैसा इंसान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।
भगवान से कुछ मांगना है तो सदबुद्धिद मांगिए बाकी सब अपने आप मिल जायेगा
कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो