तो क्या हुआ जो पहली बार में सफलता नहीं मिली, वैसे तो ईश्वर आज तक भी नहीं मिला, लेकिन क्या हमने पूजा करना छोड़ दिया
मेहनत लगती है सपनों को सच बनाने में, हौसला लगता है बुलन्दियों को पाने में, बरसो लगते है जिन्दगी बनाने में, और जिन्दगी फिर भी कम पडती है रिश्ते निभाने में।!
उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है
सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।
ख़ामोशी से भी नेक काम होते हैं, मैंने देखा है पेड़ों को छाँव देते हुए.
खुद को खोजिए नही तो जीवन भर आपको दूसरों की राय पर निर्भर रहना पड़ेगा..!!
तो क्या हुआ जो पहली बार में सफलता नहीं मिली, वैसे तो ईश्वर आज तक भी नहीं मिला, लेकिन क्या हमने पूजा करना छोड़ दिया
मेहनत लगती है सपनों को सच बनाने में, हौसला लगता है बुलन्दियों को पाने में, बरसो लगते है जिन्दगी बनाने में, और जिन्दगी फिर भी कम पडती है रिश्ते निभाने में।!
उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है
सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।
ख़ामोशी से भी नेक काम होते हैं, मैंने देखा है पेड़ों को छाँव देते हुए.
खुद को खोजिए नही तो जीवन भर आपको दूसरों की राय पर निर्भर रहना पड़ेगा..!!