दिल लगाने से अच्छा है, पेड़ लगाऐ, वोह घाव नही कम से कम छाव तोह देगे

दिल लगाने से अच्छा है, पेड़ लगाऐ, वोह घाव नही कम से कम छाव तोह देगे

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सबसे बड़ी रिस्क तब रहती है जब हमें पता नही रहता कि हम क्या कर रहे है

जिंदगी में कुछ करना और कुछ बनना हैं, तो अकेले रहने की आदत डालो

गलत व्यक्ति कितना भी मीठा बोले, एक दिन आपके लिए "बीमारी" बन जाएगा अच्छा व्यक्ति कितना भी कड़वा लगे, एक दिन "औषधि" बन कर काम आएग

अपने किरदार को जितना अच्छा रख सकते हो रखो क्योंकि मौत इंसान को मार सकती है मगर अच्छे किरदार वाले हमेशा जिंदा रहते हैं । दिलों में भी और अच्छे लफ्ज़ों में भी।

तन की जाने मन की जाने जाने चित्त की चोरी उस मालिक से क्या छुपावे जिसके हाथ है सब की डोर

ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं

सबसे बड़ी रिस्क तब रहती है जब हमें पता नही रहता कि हम क्या कर रहे है

जिंदगी में कुछ करना और कुछ बनना हैं, तो अकेले रहने की आदत डालो

गलत व्यक्ति कितना भी मीठा बोले, एक दिन आपके लिए "बीमारी" बन जाएगा अच्छा व्यक्ति कितना भी कड़वा लगे, एक दिन "औषधि" बन कर काम आएग

अपने किरदार को जितना अच्छा रख सकते हो रखो क्योंकि मौत इंसान को मार सकती है मगर अच्छे किरदार वाले हमेशा जिंदा रहते हैं । दिलों में भी और अच्छे लफ्ज़ों में भी।

तन की जाने मन की जाने जाने चित्त की चोरी उस मालिक से क्या छुपावे जिसके हाथ है सब की डोर

ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं