अपने खराब मूड के समय बुरे शब्द ना बोलें, क्योंकि.. खराब मूड को बदलने के बहुत मौके मिलेंगें पर शब्दों को बदलने के मोके नहीं...मिलेंगे
उस मंजिल को पाने के लिए ध्यान केंद्रित करो जिसे आप पाना चाहते हो न कि वर्तमान स्थितियों पर जिसमें आप जी रहे हो।
ईश्वर ने एक पेड़ के दो पत्ते भी एक जैसे नहीं बनाएं हैं!! हर एक की अपनी मौलिकता है दूसरों से ईर्ष्या रखकर आगे बढ़ने के बजाय अपनी मौलिकता खोजें इसी में असली आनंद और समाधान है
दोषहीन कार्यों का होना दुर्लभ होता है।
लाइफ में गिरना बहुत जरूरी है क्योंकि गिरने के बाद ऊपर उठने के अलावा दूसरा कोई ऑप्शन नही बचता
जो सच बोलता है, सबसे अधिक नफ़रत लोग उसी से करते हैं।
अपने खराब मूड के समय बुरे शब्द ना बोलें, क्योंकि.. खराब मूड को बदलने के बहुत मौके मिलेंगें पर शब्दों को बदलने के मोके नहीं...मिलेंगे
उस मंजिल को पाने के लिए ध्यान केंद्रित करो जिसे आप पाना चाहते हो न कि वर्तमान स्थितियों पर जिसमें आप जी रहे हो।
ईश्वर ने एक पेड़ के दो पत्ते भी एक जैसे नहीं बनाएं हैं!! हर एक की अपनी मौलिकता है दूसरों से ईर्ष्या रखकर आगे बढ़ने के बजाय अपनी मौलिकता खोजें इसी में असली आनंद और समाधान है
दोषहीन कार्यों का होना दुर्लभ होता है।
लाइफ में गिरना बहुत जरूरी है क्योंकि गिरने के बाद ऊपर उठने के अलावा दूसरा कोई ऑप्शन नही बचता
जो सच बोलता है, सबसे अधिक नफ़रत लोग उसी से करते हैं।