कभी भी अपने अतीत, धन, नकारात्मकता और अन्य लोगो के CONTROL में न रहे
दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों, जो तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।
किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है। संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं है, किन्तु उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर देता है
“अहंकार” और “संस्कार” में फ़र्क़ है… “अहंकार” दूसरों को झुकाकर खुश होता है, “संस्कार” स्वयं झुककर खुश होता है..!
यदि आप में आत्मविश्वास नहीं है तो आप हमेशा न जीतने का बहाना खोज लेंगे
. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे
कभी भी अपने अतीत, धन, नकारात्मकता और अन्य लोगो के CONTROL में न रहे
दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों, जो तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।
किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है। संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं है, किन्तु उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर देता है
“अहंकार” और “संस्कार” में फ़र्क़ है… “अहंकार” दूसरों को झुकाकर खुश होता है, “संस्कार” स्वयं झुककर खुश होता है..!
यदि आप में आत्मविश्वास नहीं है तो आप हमेशा न जीतने का बहाना खोज लेंगे
. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे