बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है
"जब तक किसी काम को किया नहीं जाता तब तक वह असंभव ही लगता है
अधेरा वहां नहीं है जहां तन गरीब है अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है
बुद्धिमान व्यक्ति के प्रति अपराध कर कोई दूर भी चला जाए तो चैन से न बैठे, क्योंकि बुद्धिमान व्यक्ति की बाहें लंबी होती है और समय आने पर वह अपना बदला लेता है।
खुश रहना है तो जिंदगी के फैसले अपनी परिस्थिति देखकर ले दुनिया को देखकर जो फैसले लेते है वो दुःखी ही रहते हैं
कोई तब तक आपकी सवारी नहीं कर सकता जब तक आपकी पीठ झुकी ना हो
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है
"जब तक किसी काम को किया नहीं जाता तब तक वह असंभव ही लगता है
अधेरा वहां नहीं है जहां तन गरीब है अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है
बुद्धिमान व्यक्ति के प्रति अपराध कर कोई दूर भी चला जाए तो चैन से न बैठे, क्योंकि बुद्धिमान व्यक्ति की बाहें लंबी होती है और समय आने पर वह अपना बदला लेता है।
खुश रहना है तो जिंदगी के फैसले अपनी परिस्थिति देखकर ले दुनिया को देखकर जो फैसले लेते है वो दुःखी ही रहते हैं
कोई तब तक आपकी सवारी नहीं कर सकता जब तक आपकी पीठ झुकी ना हो