किसी को हरा देना बहुत ही आसान है लेकिन किसी को जीतना बहुत ही मुश्किल
आपका परम मित्र भी किसी कारण वश, आपका परम शत्रु बनकर खड़ा हो सकता है
शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
विद्या ही सर्वोच्च धन है. विद्या के कारण ही खाली हाथ होने पर भी विदेश में भी धन कमाया जा सकता है तथा मान सम्मान बढ़ाया जा सकता है. विद्या के अभाव में उच्च कुल में जन्मा व्यक्ति भी सम्मान नहीं पाता है.
कभी भी अपने अतीत, धन, नकारात्मकता और अन्य लोगो के CONTROL में न रहे
लोग कहते है तुम इतना खुश कैसे रहते हो..हमने कहाँ हम किसी को खुश देखकर जलते नही और अपना दुख किसी को बताते नही
किसी को हरा देना बहुत ही आसान है लेकिन किसी को जीतना बहुत ही मुश्किल
आपका परम मित्र भी किसी कारण वश, आपका परम शत्रु बनकर खड़ा हो सकता है
शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
विद्या ही सर्वोच्च धन है. विद्या के कारण ही खाली हाथ होने पर भी विदेश में भी धन कमाया जा सकता है तथा मान सम्मान बढ़ाया जा सकता है. विद्या के अभाव में उच्च कुल में जन्मा व्यक्ति भी सम्मान नहीं पाता है.
कभी भी अपने अतीत, धन, नकारात्मकता और अन्य लोगो के CONTROL में न रहे
लोग कहते है तुम इतना खुश कैसे रहते हो..हमने कहाँ हम किसी को खुश देखकर जलते नही और अपना दुख किसी को बताते नही