सबसे बेहतरीन नजऱ वो है, जो अपनी कमियों को देख सके।
जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है
आपका परम मित्र भी किसी कारण वश, आपका परम शत्रु बनकर खड़ा हो सकता है
आप ही अपने काम आएंगे... सीखिए ख़ुद से मशवरा करना....!!
कर्म करो तो फल मिलता है, आज नहीं तो कल मिलता है जितना गहरा अधिक हो कुआँ, उतना मीठा जल मिलता है।
'श्रद्धा' ज्ञान देती हैं, 'नम्रता' मान देती हैं, 'योग्यता' स्थान देती हैं पर तीनों मिल जाए तो... व्यक्ति को हर जगह 'सम्मान' देती हैं...!
सबसे बेहतरीन नजऱ वो है, जो अपनी कमियों को देख सके।
जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है
आपका परम मित्र भी किसी कारण वश, आपका परम शत्रु बनकर खड़ा हो सकता है
आप ही अपने काम आएंगे... सीखिए ख़ुद से मशवरा करना....!!
कर्म करो तो फल मिलता है, आज नहीं तो कल मिलता है जितना गहरा अधिक हो कुआँ, उतना मीठा जल मिलता है।
'श्रद्धा' ज्ञान देती हैं, 'नम्रता' मान देती हैं, 'योग्यता' स्थान देती हैं पर तीनों मिल जाए तो... व्यक्ति को हर जगह 'सम्मान' देती हैं...!