जब कोई आपसे दो कदम पीछे हटे तो उसे उम्र भर खुश रहने की दुआ देकर चार कदम पीछे हट जाने में ही भलाई है
लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!!
किसी वृक्ष को काटने के लिए आप मुझे छ: घंटे दीजिये और मैं पहले चार घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाऊंगा
रिश्ते भी इमारत की ही तरह होते हैं, हल्की - फुल्की दरारें नज़र आएं तो, ढ़हाइये नहीं मरम्मत कीजिए
निखरती है मुसीबतों से शख्शियत यारो..जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का
इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो
जब कोई आपसे दो कदम पीछे हटे तो उसे उम्र भर खुश रहने की दुआ देकर चार कदम पीछे हट जाने में ही भलाई है
लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!!
किसी वृक्ष को काटने के लिए आप मुझे छ: घंटे दीजिये और मैं पहले चार घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाऊंगा
रिश्ते भी इमारत की ही तरह होते हैं, हल्की - फुल्की दरारें नज़र आएं तो, ढ़हाइये नहीं मरम्मत कीजिए
निखरती है मुसीबतों से शख्शियत यारो..जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का
इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो