लाइफ में सबसे बड़ी खुशी उस काम को करने में है जिसे लोग कहते हैं तुम नहीं कर सकते

लाइफ में सबसे बड़ी खुशी उस काम को करने में है जिसे लोग कहते हैं तुम नहीं कर सकते

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जो व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता है, दूसरों के धन को मिट्टी के समान समझता है और परस्त्री को माता. वाही सच्चा विद्वान और ब्राह्मण है.

ज़िन्दगी में यही देखना ज़रूरी नहीं है, कि कौन हमारे आगे है या कौन हमारे पीछे.... कभी यह भी देखना चाहिये कि,  हम किसके साथ हैं, और कौन हमारे साथ है.....

छोटे छोटे खर्चो से सावधान रहिये क्योंकि एक छोटा सा छेद बड़े से जहाज को डूबा सकता है।

मनुष्य रूप, यौवन और मदिरा में खोकर अपने आप को ही भूल जाता है, लेकिन जब उसे होश आता है तो नरक का द्वार उसके सामने होता है. अर्थात सूरा-सुंदरी का सुख मनुष्य को नरक के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकता. इससे बचना ही श्रेयस्कर है.

यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो

दुसरो पर P.H.D करने से बेहतर है हम खुद "GRADUATE" हो जाये

जो व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता है, दूसरों के धन को मिट्टी के समान समझता है और परस्त्री को माता. वाही सच्चा विद्वान और ब्राह्मण है.

ज़िन्दगी में यही देखना ज़रूरी नहीं है, कि कौन हमारे आगे है या कौन हमारे पीछे.... कभी यह भी देखना चाहिये कि,  हम किसके साथ हैं, और कौन हमारे साथ है.....

छोटे छोटे खर्चो से सावधान रहिये क्योंकि एक छोटा सा छेद बड़े से जहाज को डूबा सकता है।

मनुष्य रूप, यौवन और मदिरा में खोकर अपने आप को ही भूल जाता है, लेकिन जब उसे होश आता है तो नरक का द्वार उसके सामने होता है. अर्थात सूरा-सुंदरी का सुख मनुष्य को नरक के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकता. इससे बचना ही श्रेयस्कर है.

यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो

दुसरो पर P.H.D करने से बेहतर है हम खुद "GRADUATE" हो जाये