कमियां ढूंढने में कोई दिक्कत नहीं है, बस शुरुआत खुद से करें!
हिसाब रखा करो आजकल लोग बड़ी जल्दी पूछ लेते है तुमने मेरे लिए किया क्या है
खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है
हर काम मुश्किल होता है, आसान होने से पहले
क्रोध हवा का वह झोंका है, जो बुद्धि के दीपक को बुझा देता है जिनकी भाषा में सभ्यता होती है उनके जीवन में सदैव भव्यता होती है.
किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको
कमियां ढूंढने में कोई दिक्कत नहीं है, बस शुरुआत खुद से करें!
हिसाब रखा करो आजकल लोग बड़ी जल्दी पूछ लेते है तुमने मेरे लिए किया क्या है
खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है
हर काम मुश्किल होता है, आसान होने से पहले
क्रोध हवा का वह झोंका है, जो बुद्धि के दीपक को बुझा देता है जिनकी भाषा में सभ्यता होती है उनके जीवन में सदैव भव्यता होती है.
किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको