मन में उतरना और मन से उतरना केवल आपके व्यवहार पर निर्भर करता है
तेरे गिरने में तेरी हार नहीं तू इंसान है, अवतार नहीं गिर, उठ, चल, दौड़ फिर भाग क्योंकि जीवन संक्षिप्त है इसका कोई सार नहीं.
भाग्य बदल जाता है जब इरादे मजबूत हो वरना जीवन बीत जाता है किस्मत को दोष देने में।
जिसका हृदय सभी प्राणियों के लिए दया से परिपूर्ण है उसे ज्ञान, मोक्ष, जटा, भस्म- लेपन आदि से क्या लेना देना.
सबको खुश नही रखा जा सकता है, इसलिए भगवान बनने की कोशिश न कर
कौन चला गया ये important नही है, कौन अब भी है ये important है.
मन में उतरना और मन से उतरना केवल आपके व्यवहार पर निर्भर करता है
तेरे गिरने में तेरी हार नहीं तू इंसान है, अवतार नहीं गिर, उठ, चल, दौड़ फिर भाग क्योंकि जीवन संक्षिप्त है इसका कोई सार नहीं.
भाग्य बदल जाता है जब इरादे मजबूत हो वरना जीवन बीत जाता है किस्मत को दोष देने में।
जिसका हृदय सभी प्राणियों के लिए दया से परिपूर्ण है उसे ज्ञान, मोक्ष, जटा, भस्म- लेपन आदि से क्या लेना देना.
सबको खुश नही रखा जा सकता है, इसलिए भगवान बनने की कोशिश न कर
कौन चला गया ये important नही है, कौन अब भी है ये important है.