गुरु का हाथ पकड़ के चलो, लोगों के पैर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी
किसी को ज्ञान उतना ही दो जितना वो समझ सके, क्योंकि बाल्टी भरने के बाद नल ना बंद करने से पानी व्यर्थ हो जाता है
ज़िंदगी में जो हम चाहते हैं वो आसानी से नहीं मिलता, लेकिन ज़िंदगी का एक सच यह भी है कि जो हम चाहते वो आसान नहीं होता
रिश्तो की सिलाई अगर भावनाओ से हुई है तो टूटना मुश्किल है और अगर स्वार्थ से हुई है, तो टिकना मुश्किल है.
सिंह से हमें ये सीखना चाहिए कि काम छोटा हो या बड़ा पूरी शक्ति से करे. जिस प्रकार सिंह शिकार छोटा हो या बड़ा वह अपनी पूरी शक्ति से झपटता है.
अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है
गुरु का हाथ पकड़ के चलो, लोगों के पैर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी
किसी को ज्ञान उतना ही दो जितना वो समझ सके, क्योंकि बाल्टी भरने के बाद नल ना बंद करने से पानी व्यर्थ हो जाता है
ज़िंदगी में जो हम चाहते हैं वो आसानी से नहीं मिलता, लेकिन ज़िंदगी का एक सच यह भी है कि जो हम चाहते वो आसान नहीं होता
रिश्तो की सिलाई अगर भावनाओ से हुई है तो टूटना मुश्किल है और अगर स्वार्थ से हुई है, तो टिकना मुश्किल है.
सिंह से हमें ये सीखना चाहिए कि काम छोटा हो या बड़ा पूरी शक्ति से करे. जिस प्रकार सिंह शिकार छोटा हो या बड़ा वह अपनी पूरी शक्ति से झपटता है.
अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है