संग्रहित धन का व्यय होते रहने से ही उसमें निरंतर वृद्धि सम्भव है. जैसे तालाब का पानी एक ही जगह पड़ा रहने कि वजह से दूषित हो जाता है, वह पीने योग्य नहीं रहता- इसी प्रकार यदि धन का सदुपयोग न हो तो वह किसी काम का नहीं रहता है.
आप अपनी जिंदगी में जिन लोगों को रखते है उन्हे बहुत ध्यान से चुनो
जीवन कठिन तब लगता है जब हम स्वयं में बदलाव करने के बजय परिस्थितयो को बदलने का प्रयास करते है
ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी
दुनिया में कोई भी चीज़ कितनी भी कीमती क्यों न हो। परन्तु.... नींद,शांति,और आनन्द से बढ़कर कुछ भी नही
अगर जीवन मे कभी मौका मिले तो सारथी बनने का प्रयास करना स्वार्थी नही !
संग्रहित धन का व्यय होते रहने से ही उसमें निरंतर वृद्धि सम्भव है. जैसे तालाब का पानी एक ही जगह पड़ा रहने कि वजह से दूषित हो जाता है, वह पीने योग्य नहीं रहता- इसी प्रकार यदि धन का सदुपयोग न हो तो वह किसी काम का नहीं रहता है.
आप अपनी जिंदगी में जिन लोगों को रखते है उन्हे बहुत ध्यान से चुनो
जीवन कठिन तब लगता है जब हम स्वयं में बदलाव करने के बजय परिस्थितयो को बदलने का प्रयास करते है
ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी
दुनिया में कोई भी चीज़ कितनी भी कीमती क्यों न हो। परन्तु.... नींद,शांति,और आनन्द से बढ़कर कुछ भी नही
अगर जीवन मे कभी मौका मिले तो सारथी बनने का प्रयास करना स्वार्थी नही !