ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।
आप सिर्फ इसलिए दुःखी हो क्योंकि आपने किसी झूठ को सच मान रखा है.
काश ! कि मैंने उस चीज को पाने की कभी तमन्ना ना की होती जिंदगी में, जिसे पाने की ना औकात है मेरी , ना तकदीर से हकदार हूँ मैं उस चीज का....
काबिलियत इतनी बढ़ाओ की तुम्हे हराने के लिए कोशिश नहीं साजिश करनी पड़े.
अपने आपको किसी ना किसी काम मे व्यस्त रखो; क्योंकि व्यस्त इंसान को दुखी होने का समय नही मिलता..
क़दर तो वो होती है जो किसी की मौजूदगी में हो, जो किसी के बाद हो.... उसे पछतावा कहते हैं ।
ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।
आप सिर्फ इसलिए दुःखी हो क्योंकि आपने किसी झूठ को सच मान रखा है.
काश ! कि मैंने उस चीज को पाने की कभी तमन्ना ना की होती जिंदगी में, जिसे पाने की ना औकात है मेरी , ना तकदीर से हकदार हूँ मैं उस चीज का....
काबिलियत इतनी बढ़ाओ की तुम्हे हराने के लिए कोशिश नहीं साजिश करनी पड़े.
अपने आपको किसी ना किसी काम मे व्यस्त रखो; क्योंकि व्यस्त इंसान को दुखी होने का समय नही मिलता..
क़दर तो वो होती है जो किसी की मौजूदगी में हो, जो किसी के बाद हो.... उसे पछतावा कहते हैं ।