नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.
यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है
परेशानियां हमारी कमजोरियां साबित नही करती बल्कि यह बताती है कि हमे और
साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है. साधु तीर्थों के समान होते हैं, तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है’
प्यार की डोर सजाये रखो, दिल को दिल से मिलाये रखो, क्या लेकर जाना है साथ मे इस दुनिया से, मीठे बोल और अच्छे व्यवहार से रिश्तों को बनाए रखो
नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.
यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है
परेशानियां हमारी कमजोरियां साबित नही करती बल्कि यह बताती है कि हमे और
साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है. साधु तीर्थों के समान होते हैं, तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है’
प्यार की डोर सजाये रखो, दिल को दिल से मिलाये रखो, क्या लेकर जाना है साथ मे इस दुनिया से, मीठे बोल और अच्छे व्यवहार से रिश्तों को बनाए रखो