किसी अच्छे इंसान से कोई गलती हो तो सहन कर लो क्योंकि मोती अगर कचरे में भी गिर जाए तो भी कीमती रहता है
हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
कुछ भी "कर्म करो" हमेशा एक बात ध्यान रखो की “परमात्मा" Online है
खोई चीज अक्सर वही मिल जाती है, जहां वो खोई है, पर विश्वास वहीं नहीं मिलता जहाँ पर खोया गया था
दोषहीन कार्यों का होना दुर्लभ होता है।
समय अच्छा हो तो बन जाते है सभी साथी लेकिन समय मुश्किल हो तो खुद पे भारोश रखना..
किसी अच्छे इंसान से कोई गलती हो तो सहन कर लो क्योंकि मोती अगर कचरे में भी गिर जाए तो भी कीमती रहता है
हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
कुछ भी "कर्म करो" हमेशा एक बात ध्यान रखो की “परमात्मा" Online है
खोई चीज अक्सर वही मिल जाती है, जहां वो खोई है, पर विश्वास वहीं नहीं मिलता जहाँ पर खोया गया था
दोषहीन कार्यों का होना दुर्लभ होता है।
समय अच्छा हो तो बन जाते है सभी साथी लेकिन समय मुश्किल हो तो खुद पे भारोश रखना..