सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.
यदि आप अमीर होने की अनुभूति चाहते हैं तो उन वस्तुओं पर विचार करें जो जिन्हें पैसे से नहीं खरीदा जा सकता है
आप,अपनी चिंताओं का आकार देखकर,अपने ईश्वर के आकार को जान सकते हो, जितनी लम्बी आपकी लिस्ट होगी, उतना छोटा आपका ईश्वर होगा
चीजें खुद नहीं होतीं, उन्हें करना पड़ता है
थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है
जब जिंदगी में कुछ बड़ा करने की कोशिश करोगे तब , ना कोई ध्यान देगा ना कोई साथ देगा
सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.
यदि आप अमीर होने की अनुभूति चाहते हैं तो उन वस्तुओं पर विचार करें जो जिन्हें पैसे से नहीं खरीदा जा सकता है
आप,अपनी चिंताओं का आकार देखकर,अपने ईश्वर के आकार को जान सकते हो, जितनी लम्बी आपकी लिस्ट होगी, उतना छोटा आपका ईश्वर होगा
चीजें खुद नहीं होतीं, उन्हें करना पड़ता है
थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है
जब जिंदगी में कुछ बड़ा करने की कोशिश करोगे तब , ना कोई ध्यान देगा ना कोई साथ देगा