मुकुदर की लिखावट का एक ऐसा भी कायदा हो देर से किस्मत खुलने वालो का दुगना फायदा हो
जब तक हम किसी भी काम को करने की कोशिश नही करते हैं, जब तक हमे वो काम नामुमकिन ही लगता है
खुद को आप इतना बेहतर बनाएं कि जो कल आप थे,वह आज ना रहें...
ऐसी कोई मंजिल नहीं जहां तक पहुंचने का कोई रास्ता ना हो .
तुम व्यर्थ में ही अच्छे अवसरों को ढूंढने में लगे हो..तुम जिंदा हो क्या ये बड़ा अवसर नही हो
गलत व्यक्ति कितना भी मीठा बोले, एक दिन आपके लिए "बीमारी" बन जाएगा अच्छा व्यक्ति कितना भी कड़वा लगे, एक दिन "औषधि" बन कर काम आएग
मुकुदर की लिखावट का एक ऐसा भी कायदा हो देर से किस्मत खुलने वालो का दुगना फायदा हो
जब तक हम किसी भी काम को करने की कोशिश नही करते हैं, जब तक हमे वो काम नामुमकिन ही लगता है
खुद को आप इतना बेहतर बनाएं कि जो कल आप थे,वह आज ना रहें...
ऐसी कोई मंजिल नहीं जहां तक पहुंचने का कोई रास्ता ना हो .
तुम व्यर्थ में ही अच्छे अवसरों को ढूंढने में लगे हो..तुम जिंदा हो क्या ये बड़ा अवसर नही हो
गलत व्यक्ति कितना भी मीठा बोले, एक दिन आपके लिए "बीमारी" बन जाएगा अच्छा व्यक्ति कितना भी कड़वा लगे, एक दिन "औषधि" बन कर काम आएग