एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता
कुछ पाने के लिए कुछ खोना नहीं..कुछ करना पड़ता है
"निर्मल" रहिए... वरना
"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"
मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।
हमेशा उम्मीद से अधिक करो... सफलता आपके कदम चूमेगी...
एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता
कुछ पाने के लिए कुछ खोना नहीं..कुछ करना पड़ता है
"निर्मल" रहिए... वरना
"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"
मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।
हमेशा उम्मीद से अधिक करो... सफलता आपके कदम चूमेगी...