उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे
तुम व्यर्थ में ही अच्छे अवसरों को ढूंढने में लगे हो..तुम जिंदा हो क्या ये बड़ा अवसर नही हो
दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत नहीं होती। अर्थात आवश्कयता के अनुसार साधन जुटाने चाहिए।
कल के लिए सबसे अच्छी तैयारी यही है कि आज अच्छा करो
कभी ना कहो की दिन अपने ख़राब है। समझ लो की हम काँटों से घिर गए गुलाब है।।
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे
तुम व्यर्थ में ही अच्छे अवसरों को ढूंढने में लगे हो..तुम जिंदा हो क्या ये बड़ा अवसर नही हो
दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत नहीं होती। अर्थात आवश्कयता के अनुसार साधन जुटाने चाहिए।
कल के लिए सबसे अच्छी तैयारी यही है कि आज अच्छा करो
कभी ना कहो की दिन अपने ख़राब है। समझ लो की हम काँटों से घिर गए गुलाब है।।