रिश्ते तो सूर्यमुखी के फूलों की तरह होते हैं जिधर प्यार मिले... उधर ही घूम जाते हैं...
ब्राह्मण, गुरु, अग्नि, कुंवारी कन्या, बालक, और वृद्धों को पेरो से नहीं छूना चाहिए. ये सभी आदरणीय है. हमें इन्हें आदर-सम्मान देना चाहिए.
एक ऐसा लक्ष्य निर्धारित करे जो आपको सुबह बिस्तर से उठने पर मजबूर कर दे
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।
हार आपसे आपका धन छीन सकती है लेकिन आपका
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो
रिश्ते तो सूर्यमुखी के फूलों की तरह होते हैं जिधर प्यार मिले... उधर ही घूम जाते हैं...
ब्राह्मण, गुरु, अग्नि, कुंवारी कन्या, बालक, और वृद्धों को पेरो से नहीं छूना चाहिए. ये सभी आदरणीय है. हमें इन्हें आदर-सम्मान देना चाहिए.
एक ऐसा लक्ष्य निर्धारित करे जो आपको सुबह बिस्तर से उठने पर मजबूर कर दे
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।
हार आपसे आपका धन छीन सकती है लेकिन आपका
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो