झूठ बोल कर कुछ पाने से अच्छा है सच बोलकर उसे खो दो
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
जिस काम में काम करने की हद पार ना हो फिर वो काम किसी काम का नही
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
जिसकी मति और गति सत्य कि हो उसका रथ आज भी श्री कृष्ण चलाते है
समझदार वही है जो फूँक-फूँक कर कदम रखे, पानी को छानकर पिए, शास्त्रानुसार वाक्य बोले और सोच-विचार कर कर्म करे. इस तरह किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है .
झूठ बोल कर कुछ पाने से अच्छा है सच बोलकर उसे खो दो
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
जिस काम में काम करने की हद पार ना हो फिर वो काम किसी काम का नही
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
जिसकी मति और गति सत्य कि हो उसका रथ आज भी श्री कृष्ण चलाते है
समझदार वही है जो फूँक-फूँक कर कदम रखे, पानी को छानकर पिए, शास्त्रानुसार वाक्य बोले और सोच-विचार कर कर्म करे. इस तरह किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है .