दान से ही हाथों कि सुन्दरता है न कि कंगन पहनने से. शरीर स्नान से शुद्ध होता है न कि चन्दन लगाने से. तृप्ति मान से होती है न कि भोजन से. मोक्ष ज्ञान से मिलता है न कि श्रृंगार से|
अगर सफल होने का जुनून सर पर है तो मुश्किले आप को नहीं रोक पायेगी .
उम्मीद हमे कभी भी छोड़ कर नहीं जाती बस हम ही उसे छोड़ देते है
परमात्मा का ज्ञान होने पर देह का मोह मिट जाता है. तब मन जहाँ भी जाता है, वहीं समाधि लग जाती है.
अगर आप जिद्दी हो तो आप अपने हर सपने को हकीकत में बदल सकते हो
सत्य भी यदि अनुचित है तो उसे नहीं कहना चाहिए।
दान से ही हाथों कि सुन्दरता है न कि कंगन पहनने से. शरीर स्नान से शुद्ध होता है न कि चन्दन लगाने से. तृप्ति मान से होती है न कि भोजन से. मोक्ष ज्ञान से मिलता है न कि श्रृंगार से|
अगर सफल होने का जुनून सर पर है तो मुश्किले आप को नहीं रोक पायेगी .
उम्मीद हमे कभी भी छोड़ कर नहीं जाती बस हम ही उसे छोड़ देते है
परमात्मा का ज्ञान होने पर देह का मोह मिट जाता है. तब मन जहाँ भी जाता है, वहीं समाधि लग जाती है.
अगर आप जिद्दी हो तो आप अपने हर सपने को हकीकत में बदल सकते हो
सत्य भी यदि अनुचित है तो उसे नहीं कहना चाहिए।