खुद को खोजिए नही तो जीवन भर आपको दूसरों की राय पर निर्भर रहना पड़ेगा..!!
ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं, जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं।
कई जीत बाकी है कई हार बाकी है, अभी तो जिंदगी का सार बाकी है। यहां से चले हैं नई मंजिल के लिए, यह तो एक पन्ना था अभी तो पुरी किताब बाकी है॥
घमंड शराब की तरह है आपके अलावा सबको पता है की आपको चढ़ गई है
"इतने बड़े बनो कि जब आप खड़े हों तो कोई बैठा न रहे !"
जिसका हृदय सभी प्राणियों के लिए दया से परिपूर्ण है उसे ज्ञान, मोक्ष, जटा, भस्म- लेपन आदि से क्या लेना देना.
खुद को खोजिए नही तो जीवन भर आपको दूसरों की राय पर निर्भर रहना पड़ेगा..!!
ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं, जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं।
कई जीत बाकी है कई हार बाकी है, अभी तो जिंदगी का सार बाकी है। यहां से चले हैं नई मंजिल के लिए, यह तो एक पन्ना था अभी तो पुरी किताब बाकी है॥
घमंड शराब की तरह है आपके अलावा सबको पता है की आपको चढ़ गई है
"इतने बड़े बनो कि जब आप खड़े हों तो कोई बैठा न रहे !"
जिसका हृदय सभी प्राणियों के लिए दया से परिपूर्ण है उसे ज्ञान, मोक्ष, जटा, भस्म- लेपन आदि से क्या लेना देना.