लाइफ में सबसे बड़ी खुशी उस काम को करने में है जिसे लोग कहते हैं तुम नहीं कर सकते

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तो क्या हुआ जो पहली बार में सफलता नहीं मिली, वैसे तो ईश्वर आज तक भी नहीं मिला, लेकिन क्या हमने पूजा करना छोड़ दिया

"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी

शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें

रिश्तो की सिलाई अगर भावनाओ से हुई है तो टूटना मुश्किल है और अगर स्वार्थ से हुई है, तो टिकना मुश्किल है.

मनुष्य अकेला ही जन्म लेता है, अकेला ही दुःख भोगता है, अकेला ही मोक्ष का अधिकारी होता है और अकेला ही नरक जाता है. अतः रिश्ते-नाते तो क्षण भंगुर हैं, हमें अकेले ही दुनिया के मंच पर अभिनय करना पड़ता है.

किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको

तो क्या हुआ जो पहली बार में सफलता नहीं मिली, वैसे तो ईश्वर आज तक भी नहीं मिला, लेकिन क्या हमने पूजा करना छोड़ दिया

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मनुष्य अकेला ही जन्म लेता है, अकेला ही दुःख भोगता है, अकेला ही मोक्ष का अधिकारी होता है और अकेला ही नरक जाता है. अतः रिश्ते-नाते तो क्षण भंगुर हैं, हमें अकेले ही दुनिया के मंच पर अभिनय करना पड़ता है.

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