यह सोचकर हमेशा खुश रहो खुश रहो; जो था; अच्छा था जो बाकी है वह बेहतर है और जो आगे चलकर मिलेगा वह बेहतरीन होगा..
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते तो Focus अपने काम पर करो लोगो की बातों पर नही
खुद मालिक बनने की कोशिश जरूर करना क्योंकि आपका बॉस आपको अच्छी से अच्छी सैलरी देकर भी नौकर बना के रखेगा
दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.
ज़िन्दगी की कठनाइयों से भाग जाना आसान होता है, जिंदगी में हर पहलू इम्तेहान होता है, डरने वालो को नही मिलता कुछ ज़िन्दगी में, लड़ने वालों के कदमो में जहांन होता है
अगर "बुरे वक्त" में कोई आकर यह "कह" दे कि.. "चिंता मत करो" मैं तुम्हारे "साथ" हूँ! तो बस ये "शब्द" ही "व्यक्ति" के लिए "औषधि" बन जाते हैं ..!!
यह सोचकर हमेशा खुश रहो खुश रहो; जो था; अच्छा था जो बाकी है वह बेहतर है और जो आगे चलकर मिलेगा वह बेहतरीन होगा..
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते तो Focus अपने काम पर करो लोगो की बातों पर नही
खुद मालिक बनने की कोशिश जरूर करना क्योंकि आपका बॉस आपको अच्छी से अच्छी सैलरी देकर भी नौकर बना के रखेगा
दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.
ज़िन्दगी की कठनाइयों से भाग जाना आसान होता है, जिंदगी में हर पहलू इम्तेहान होता है, डरने वालो को नही मिलता कुछ ज़िन्दगी में, लड़ने वालों के कदमो में जहांन होता है
अगर "बुरे वक्त" में कोई आकर यह "कह" दे कि.. "चिंता मत करो" मैं तुम्हारे "साथ" हूँ! तो बस ये "शब्द" ही "व्यक्ति" के लिए "औषधि" बन जाते हैं ..!!