इतने दर्द के बाद भी मुस्कुरा रहा हूँ ए ज़िंदगी देख तुझे कैसे हरा रहा हूँ मैं

इतने दर्द के बाद भी मुस्कुरा रहा हूँ ए ज़िंदगी देख तुझे कैसे हरा रहा हूँ मैं

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कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो

रिश्ते भी इमारत की ही तरह होते हैं, हल्की - फुल्की दरारें नज़र आएं तो, ढ़हाइये नहीं मरम्मत कीजिए

जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।

अगर आपको ख्याल आये की आप बहुत बुरे हो; तो यकीन मानो अगर आप सच मे बुरे होते तो आपको ये ख्याल ही नही आता

किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।

एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता

कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो

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अगर आपको ख्याल आये की आप बहुत बुरे हो; तो यकीन मानो अगर आप सच मे बुरे होते तो आपको ये ख्याल ही नही आता

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