जो व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता है, दूसरों के धन को मिट्टी के समान समझता है और परस्त्री को माता. वाही सच्चा विद्वान और ब्राह्मण है.
अगर खुद का मूल्य पता लग जाए, तो दूसरों द्वारा की गई अनावश्यक निंदा, तुम्हे छू भी नही सकती..
खुद को कभी अकेला महसूस न करे क्योंकि
क्रोध में भी शब्दो का चुनाव ऐसा होना चाहिए कि कल जब गुस्सा उतरे तो खुद की नजरों में शर्मिंदा न होना पड़े
भरोसा एक रिश्ते की सबसे महंगी शर्त है।
जीवन मे मेहनत करने से दिमाग साफ रहता हैं और सत्य बोलने से दिल साफ रहता हैं.
जो व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता है, दूसरों के धन को मिट्टी के समान समझता है और परस्त्री को माता. वाही सच्चा विद्वान और ब्राह्मण है.
अगर खुद का मूल्य पता लग जाए, तो दूसरों द्वारा की गई अनावश्यक निंदा, तुम्हे छू भी नही सकती..
खुद को कभी अकेला महसूस न करे क्योंकि
क्रोध में भी शब्दो का चुनाव ऐसा होना चाहिए कि कल जब गुस्सा उतरे तो खुद की नजरों में शर्मिंदा न होना पड़े
भरोसा एक रिश्ते की सबसे महंगी शर्त है।
जीवन मे मेहनत करने से दिमाग साफ रहता हैं और सत्य बोलने से दिल साफ रहता हैं.