जब तक आप प्रसिद्ध नहीं हो जाते, उस समय तक आपको ये सोचने की जरूरत नहीं कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं
इंसान के अंदर ही समा जाए, वो स्वाभिमान होता है... और जो बाहर छलक जाए वो अभिमान होता है...
भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।
कैलेंडर हमेशा तारीख को बदलता है। पर एक दिन ऐसी तारीख भी आती है कि जो कैलेंडर को ही बदल देती है। इसलिए सब्र रखो, वक़्त हर किसी का आता है।।"
भोजन महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है कार्य व उसके प्रति निष्ठा. पेट तो जानवर भी भर लेते हैं. अतः मानव बनो.
किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है दोस्तों ! ये मुझे जीतने नहीं दे रही, और हार मैं मान नहीं रहा
जब तक आप प्रसिद्ध नहीं हो जाते, उस समय तक आपको ये सोचने की जरूरत नहीं कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं
इंसान के अंदर ही समा जाए, वो स्वाभिमान होता है... और जो बाहर छलक जाए वो अभिमान होता है...
भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।
कैलेंडर हमेशा तारीख को बदलता है। पर एक दिन ऐसी तारीख भी आती है कि जो कैलेंडर को ही बदल देती है। इसलिए सब्र रखो, वक़्त हर किसी का आता है।।"
भोजन महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है कार्य व उसके प्रति निष्ठा. पेट तो जानवर भी भर लेते हैं. अतः मानव बनो.
किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है दोस्तों ! ये मुझे जीतने नहीं दे रही, और हार मैं मान नहीं रहा