हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया में हमसे ज्यादा परेशान ओर लोग भी है
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा..
दुर्जन को साहस से, बलवान को अनुकूल व्यवहार से और समान शक्तिशाली को नम्रता से अथवा अपनी ताकत से वश में करना चाहिए.
स्वयं को ऐसा बनाओ कि जहाँ से तुम चले जाओ वहाँ तुम्हें सब याद करें और जहाँ तुम पहुँचने वाले हो वहाँ तुम्हारा सब इंतज़ार करें
मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो
हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया में हमसे ज्यादा परेशान ओर लोग भी है
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा..
दुर्जन को साहस से, बलवान को अनुकूल व्यवहार से और समान शक्तिशाली को नम्रता से अथवा अपनी ताकत से वश में करना चाहिए.
स्वयं को ऐसा बनाओ कि जहाँ से तुम चले जाओ वहाँ तुम्हें सब याद करें और जहाँ तुम पहुँचने वाले हो वहाँ तुम्हारा सब इंतज़ार करें
मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो