तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .

तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .

Share:

More Like This

विद्वान सब जगह सम्माननीय होता है. अपने उच्च गुणों के कारण देश-विदेश सभी जगह वह पूजनीय होता है .

अच्छे इन्सान की सबसे पहली और सबसे आखिरी निशानी ये है कि वो उन लोगों की भी इज्जत करता है जिनसे उसे किसी किस्म के फायदे की उम्मीद नही होती..!

मिलता तो बहुत है इस जिंदगी में, बस हम गिनती उसी की करते है, जो हासिल न हो सका

दुख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे.जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है

अभी से वो होना शुरू कीजिये जो आप भविष्य में होंगे

अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं, सुकून वहीं से शुरू होता है

विद्वान सब जगह सम्माननीय होता है. अपने उच्च गुणों के कारण देश-विदेश सभी जगह वह पूजनीय होता है .

अच्छे इन्सान की सबसे पहली और सबसे आखिरी निशानी ये है कि वो उन लोगों की भी इज्जत करता है जिनसे उसे किसी किस्म के फायदे की उम्मीद नही होती..!

मिलता तो बहुत है इस जिंदगी में, बस हम गिनती उसी की करते है, जो हासिल न हो सका

दुख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे.जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है

अभी से वो होना शुरू कीजिये जो आप भविष्य में होंगे

अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं, सुकून वहीं से शुरू होता है