आपका परम मित्र भी किसी कारण वश, आपका परम शत्रु बनकर खड़ा हो सकता है
कैलेंडर हमेशा तारीख को बदलता है। पर एक दिन ऐसी तारीख भी आती है कि जो कैलेंडर को ही बदल देती है। इसलिए सब्र रखो, वक़्त हर किसी का आता है।।"
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!
भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है। अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता
मिट्टी का मटका और परिवार की क़ीमत सिर्फ बनाने वाले को ही पता होती है, तोड़ने वाले को नहीं !!
पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती
आपका परम मित्र भी किसी कारण वश, आपका परम शत्रु बनकर खड़ा हो सकता है
कैलेंडर हमेशा तारीख को बदलता है। पर एक दिन ऐसी तारीख भी आती है कि जो कैलेंडर को ही बदल देती है। इसलिए सब्र रखो, वक़्त हर किसी का आता है।।"
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!
भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है। अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता
मिट्टी का मटका और परिवार की क़ीमत सिर्फ बनाने वाले को ही पता होती है, तोड़ने वाले को नहीं !!
पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती