"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
हमेशा अपना best करो | जो तुम अभी बोते हो उसकी फसल बाद में काटते हो
जीवन मे पछतावा करना छोड़ो और कुछ ऐसा करो कि लोग तुम्हे छोड़ देने पर पछताए।
पीछे मुड़कर देखने मे कोई समझदारी नही है जबकि आपके पास आगे देखने के लिए बहुत कुछ है
दिल में बुराई रखने से बेहतर है, की नाराजगी जाहिर कर दो
"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
हमेशा अपना best करो | जो तुम अभी बोते हो उसकी फसल बाद में काटते हो
जीवन मे पछतावा करना छोड़ो और कुछ ऐसा करो कि लोग तुम्हे छोड़ देने पर पछताए।
पीछे मुड़कर देखने मे कोई समझदारी नही है जबकि आपके पास आगे देखने के लिए बहुत कुछ है
दिल में बुराई रखने से बेहतर है, की नाराजगी जाहिर कर दो