विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है
यदि आपको किसी एक से शिकायत है तो उससे बात कीजिये लेकिन अगर आपको अधिकतर लोगों से शिकायत है तो खुद से बात कीजिये
जिंदगी में रह गई कुछ खाली जगह को सिर्फ समझौते ही भरते है
भाग्य बदल जाता है जब इरादे मजबूत हो वरना जीवन बीत जाता है किस्मत को दोष देने में।
अपने अंदर से अहंकार को निकालकर स्वयं को हल्का किजिये क्योंकि ऊँचा वही उठता है जो हल्का होता है।
दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये
विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है
यदि आपको किसी एक से शिकायत है तो उससे बात कीजिये लेकिन अगर आपको अधिकतर लोगों से शिकायत है तो खुद से बात कीजिये
जिंदगी में रह गई कुछ खाली जगह को सिर्फ समझौते ही भरते है
भाग्य बदल जाता है जब इरादे मजबूत हो वरना जीवन बीत जाता है किस्मत को दोष देने में।
अपने अंदर से अहंकार को निकालकर स्वयं को हल्का किजिये क्योंकि ऊँचा वही उठता है जो हल्का होता है।
दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये