अगर खुद का मूल्य पता लग जाए, तो दूसरों द्वारा की गई अनावश्यक निंदा, तुम्हे छू भी नही सकती..
सही फैसला लेना काबिलियत नही हैं फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं
पहले लोगोँ ने सिखाया था कि वक्त बदल जाता है अब वक्त ने सिखा दिया कि लोग भी बदल जाते हैँ
नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है उन्हें आगे बढ़ने से कोई नही रोक सकता
इंसान सफल तब होता है जब वो जरूरत और चाहत के बीच फर्क समझ लेता है
अपने किरदार को जितना अच्छा रख सकते हो रखो क्योंकि मौत इंसान को मार सकती है मगर अच्छे किरदार वाले हमेशा जिंदा रहते हैं । दिलों में भी और अच्छे लफ्ज़ों में भी।
अगर खुद का मूल्य पता लग जाए, तो दूसरों द्वारा की गई अनावश्यक निंदा, तुम्हे छू भी नही सकती..
सही फैसला लेना काबिलियत नही हैं फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं
पहले लोगोँ ने सिखाया था कि वक्त बदल जाता है अब वक्त ने सिखा दिया कि लोग भी बदल जाते हैँ
नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है उन्हें आगे बढ़ने से कोई नही रोक सकता
इंसान सफल तब होता है जब वो जरूरत और चाहत के बीच फर्क समझ लेता है
अपने किरदार को जितना अच्छा रख सकते हो रखो क्योंकि मौत इंसान को मार सकती है मगर अच्छे किरदार वाले हमेशा जिंदा रहते हैं । दिलों में भी और अच्छे लफ्ज़ों में भी।