सैकड़ो अज्ञानी पुत्रो से एक गुणवान पुत्र अच्छा है रात्रि का अंधकार एक ही चंद्रमा दूर करता है न कि हजारों तारे
इंसान को यूँ ही मतलबी नहीं कहा जाता, उसे अपने सुख से ज्यादा दुसरे के दुःख में मज़ा आता है
सुख का ताला केवल और केवल संतुष्टि की चाभी से खुलता है
लाख दलदल हो पाँव जमाए रखिये, हाथ खाली ही सही ऊपर उठाये रखिये, कौन कहता है छलनी में पानी रुक नहीं सकता, बर्फ बनने तक हौसला बनाये रखिये
जो व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता है, दूसरों के धन को मिट्टी के समान समझता है और परस्त्री को माता. वाही सच्चा विद्वान और ब्राह्मण है.
लोग आपके रास्ते में गड्ढे करें तो परेशान मत होना... क्योंकि ये वही लोग हैं जो आपको छलांग लगाना सिखाएंगे
सैकड़ो अज्ञानी पुत्रो से एक गुणवान पुत्र अच्छा है रात्रि का अंधकार एक ही चंद्रमा दूर करता है न कि हजारों तारे
इंसान को यूँ ही मतलबी नहीं कहा जाता, उसे अपने सुख से ज्यादा दुसरे के दुःख में मज़ा आता है
सुख का ताला केवल और केवल संतुष्टि की चाभी से खुलता है
लाख दलदल हो पाँव जमाए रखिये, हाथ खाली ही सही ऊपर उठाये रखिये, कौन कहता है छलनी में पानी रुक नहीं सकता, बर्फ बनने तक हौसला बनाये रखिये
जो व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता है, दूसरों के धन को मिट्टी के समान समझता है और परस्त्री को माता. वाही सच्चा विद्वान और ब्राह्मण है.
लोग आपके रास्ते में गड्ढे करें तो परेशान मत होना... क्योंकि ये वही लोग हैं जो आपको छलांग लगाना सिखाएंगे