तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .

तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .

Share:

More Like This

विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है

यदि आपको किसी एक से शिकायत है तो उससे बात कीजिये लेकिन अगर आपको अधिकतर लोगों से शिकायत है तो खुद से बात कीजिये

जिंदगी में रह गई कुछ खाली जगह को सिर्फ समझौते ही भरते है

भाग्य बदल जाता है जब इरादे मजबूत हो वरना जीवन बीत जाता है किस्मत को दोष देने में।

अपने अंदर से अहंकार को निकालकर स्वयं को हल्का किजिये क्योंकि ऊँचा वही उठता है जो हल्का होता है।

दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये

विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है

यदि आपको किसी एक से शिकायत है तो उससे बात कीजिये लेकिन अगर आपको अधिकतर लोगों से शिकायत है तो खुद से बात कीजिये

जिंदगी में रह गई कुछ खाली जगह को सिर्फ समझौते ही भरते है

भाग्य बदल जाता है जब इरादे मजबूत हो वरना जीवन बीत जाता है किस्मत को दोष देने में।

अपने अंदर से अहंकार को निकालकर स्वयं को हल्का किजिये क्योंकि ऊँचा वही उठता है जो हल्का होता है।

दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये