डिग्रियाँ तो तालीम के ख़र्चे की रसीदें हैं...इल्म वही है जो किरदार में झलकता है.
कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है
चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।
किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है। संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं है, किन्तु उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर देता है
खुशियों की तलाश वहाँ मत करो जहाँ गम को छोड़ा था
अगर परमात्मा तुम्हे कष्ट के पास ले आया तो अवश्य ही वो तुम्हे कष्ट के पार भी ले जाएगा
डिग्रियाँ तो तालीम के ख़र्चे की रसीदें हैं...इल्म वही है जो किरदार में झलकता है.
कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है
चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।
किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है। संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं है, किन्तु उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर देता है
खुशियों की तलाश वहाँ मत करो जहाँ गम को छोड़ा था
अगर परमात्मा तुम्हे कष्ट के पास ले आया तो अवश्य ही वो तुम्हे कष्ट के पार भी ले जाएगा