तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .

तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .

Share:

More Like This

नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..

जब तक किसी व्यक्ति द्वारा अपनी संभावनाओं से अधिक कार्य नहीं किया जाता है, तब तक उस व्यक्ति द्वारा वह सब कुछ नहीं किया जा सकेगा जो वह कर सकता है

हिसाब रखा करो आजकल लोग बड़ी जल्दी पूछ लेते है तुमने मेरे लिए किया क्या है

एक बार काम को सच्ची लगन से शुरू तो करो कुदरत ख़ुद ब खुद रास्ते खोलता जाएगा

“हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए।”

अपनो से इतनी दूरी ना बढ़ाए की दरवाजा खुला हो फिर भी खटखटाना पड़े

नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..

जब तक किसी व्यक्ति द्वारा अपनी संभावनाओं से अधिक कार्य नहीं किया जाता है, तब तक उस व्यक्ति द्वारा वह सब कुछ नहीं किया जा सकेगा जो वह कर सकता है

हिसाब रखा करो आजकल लोग बड़ी जल्दी पूछ लेते है तुमने मेरे लिए किया क्या है

एक बार काम को सच्ची लगन से शुरू तो करो कुदरत ख़ुद ब खुद रास्ते खोलता जाएगा

“हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए।”

अपनो से इतनी दूरी ना बढ़ाए की दरवाजा खुला हो फिर भी खटखटाना पड़े