ऐसे कार्य करें जिससे की आपको लगे कि आपके काम से अंतर आ रहा है. और अंतर आता भी है
ज़िन्दगी को हमेशा मुस्कुरा के गुजारो क्योंकि आप ये नही जानते कि ये कितनी बाकी है
किसी की बुराई तलाश करने वाले इंसान की मिसाल उस मक्खी की तरह है जो सारे खूबसूरत जिस्म को छोडकर केवल जख्म पर ही बैठती है।
खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..
जिंदगी में चुनौतियां हर किसी के हिस्से में नही आती क्योंकि किस्मत भी किस्मत वालों को ही आजमाती है।
"सफलता का सफर कितना अच्छा होगा, यह हमारे विचार और व्यवहार पर निर्भर करता है।"
ऐसे कार्य करें जिससे की आपको लगे कि आपके काम से अंतर आ रहा है. और अंतर आता भी है
ज़िन्दगी को हमेशा मुस्कुरा के गुजारो क्योंकि आप ये नही जानते कि ये कितनी बाकी है
किसी की बुराई तलाश करने वाले इंसान की मिसाल उस मक्खी की तरह है जो सारे खूबसूरत जिस्म को छोडकर केवल जख्म पर ही बैठती है।
खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..
जिंदगी में चुनौतियां हर किसी के हिस्से में नही आती क्योंकि किस्मत भी किस्मत वालों को ही आजमाती है।
"सफलता का सफर कितना अच्छा होगा, यह हमारे विचार और व्यवहार पर निर्भर करता है।"