एक बार माफ करके अच्छे बन जाओ लेकिन... मगर दुबारा उसी इन्सान पर भरोसा कर के बेवकूफ मत बनो

एक बार माफ करके अच्छे बन जाओ लेकिन... मगर दुबारा उसी इन्सान पर भरोसा कर के बेवकूफ मत बनो

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हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं

ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

"कुछ करने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति के लिए ! इस दुनिया में "असंभव" कुछ भी नहीं !!"

तन की खूबसूरती एक भ्रम है..! सबसे खूबसूरत आपकी "वाणी" है..! चाहे तो दिल "जीत" ले. चाहे तो दिल "चीर" दे"! इन्सान सब कुछ कॉपी कर सकता है..! लेकिन किस्मत और नसीब नही..!

अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।

हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं

ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

"कुछ करने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति के लिए ! इस दुनिया में "असंभव" कुछ भी नहीं !!"

तन की खूबसूरती एक भ्रम है..! सबसे खूबसूरत आपकी "वाणी" है..! चाहे तो दिल "जीत" ले. चाहे तो दिल "चीर" दे"! इन्सान सब कुछ कॉपी कर सकता है..! लेकिन किस्मत और नसीब नही..!

अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।