एक बार माफ करके अच्छे बन जाओ लेकिन... मगर दुबारा उसी इन्सान पर भरोसा कर के बेवकूफ मत बनो

एक बार माफ करके अच्छे बन जाओ लेकिन... मगर दुबारा उसी इन्सान पर भरोसा कर के बेवकूफ मत बनो

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जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...

जो मन मे आए उसे खुलकर पूरे मन से करो क्योंकि एक बार जो वक़्त गुजर गया तो वो वक़्त दुबारा नही आने वाला है

जिंदगी में रह गई कुछ खाली जगह को सिर्फ समझौते ही भरते है

दिन में दीपक जलना, समुद्र में वर्षा, भरे पेट के लिए भोजन और धनवान को दान देना व्यर्थ है.

रूठी पत्नी, लुप्त संपत्ति और हाथ से निकली भूमि वापस मिल सकती है, लेकिन मनुष्य जीवन पुनः नहीं मिल सकता, अतः दान-धर्म कर हमें अपना जीवन सफल बनाना चाहिए.

क़दर तो वो होती है जो किसी की मौजूदगी में हो, जो किसी के बाद हो.... उसे पछतावा कहते हैं ।

जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...

जो मन मे आए उसे खुलकर पूरे मन से करो क्योंकि एक बार जो वक़्त गुजर गया तो वो वक़्त दुबारा नही आने वाला है

जिंदगी में रह गई कुछ खाली जगह को सिर्फ समझौते ही भरते है

दिन में दीपक जलना, समुद्र में वर्षा, भरे पेट के लिए भोजन और धनवान को दान देना व्यर्थ है.

रूठी पत्नी, लुप्त संपत्ति और हाथ से निकली भूमि वापस मिल सकती है, लेकिन मनुष्य जीवन पुनः नहीं मिल सकता, अतः दान-धर्म कर हमें अपना जीवन सफल बनाना चाहिए.

क़दर तो वो होती है जो किसी की मौजूदगी में हो, जो किसी के बाद हो.... उसे पछतावा कहते हैं ।