जिंदगी में रह गई कुछ खाली जगह को सिर्फ समझौते ही भरते है
यह महत्पूर्ण नही की आप सफल है या नही महत्पूर्ण यह है कि आप उतने सफल हुए या नही जितनी आपके भीतर क्षमता थी
अपने जीवन में सफल होने के लिए, उन समस्याओं को भूल जाइए, जिनका आपने सामना किया।लेकिन उन समस्याओं से, मिलने वाली सीख को मत भूलिए।
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते
संग्रहित धन का व्यय होते रहने से ही उसमें निरंतर वृद्धि सम्भव है. जैसे तालाब का पानी एक ही जगह पड़ा रहने कि वजह से दूषित हो जाता है, वह पीने योग्य नहीं रहता- इसी प्रकार यदि धन का सदुपयोग न हो तो वह किसी काम का नहीं रहता है.
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
जिंदगी में रह गई कुछ खाली जगह को सिर्फ समझौते ही भरते है
यह महत्पूर्ण नही की आप सफल है या नही महत्पूर्ण यह है कि आप उतने सफल हुए या नही जितनी आपके भीतर क्षमता थी
अपने जीवन में सफल होने के लिए, उन समस्याओं को भूल जाइए, जिनका आपने सामना किया।लेकिन उन समस्याओं से, मिलने वाली सीख को मत भूलिए।
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते
संग्रहित धन का व्यय होते रहने से ही उसमें निरंतर वृद्धि सम्भव है. जैसे तालाब का पानी एक ही जगह पड़ा रहने कि वजह से दूषित हो जाता है, वह पीने योग्य नहीं रहता- इसी प्रकार यदि धन का सदुपयोग न हो तो वह किसी काम का नहीं रहता है.
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है