ईश्वर ने एक पेड़ के दो पत्ते भी एक जैसे नहीं बनाएं हैं!! हर एक की अपनी मौलिकता है दूसरों से ईर्ष्या रखकर आगे बढ़ने के बजाय अपनी मौलिकता खोजें इसी में असली आनंद और समाधान है
अगर कोई तुम्हे नजर अंदाज करे तो उसे नजर आना ही छोड़ दो
मन मे उतरना और मन से उतरना, केवल आपके स्वभाव पर निर्भर करता है
हमारी हार इसमें नहीं है की कोई दूसरा हमे नहीं पहचानता, हार इसमें है की हम खुद अपने आप को नहीं पहचान पाते
भूल जीवन का एक पेज है और रिश्ते पूरी किताब, जरूरत पड़े तो भूल का एक पेज फाड़ देना लेकिन एक छोटे से पेज के लिए पूरी किताब नही
जिंदगी में कुछ करना और कुछ बनना हैं, तो अकेले रहने की आदत डालो
ईश्वर ने एक पेड़ के दो पत्ते भी एक जैसे नहीं बनाएं हैं!! हर एक की अपनी मौलिकता है दूसरों से ईर्ष्या रखकर आगे बढ़ने के बजाय अपनी मौलिकता खोजें इसी में असली आनंद और समाधान है
अगर कोई तुम्हे नजर अंदाज करे तो उसे नजर आना ही छोड़ दो
मन मे उतरना और मन से उतरना, केवल आपके स्वभाव पर निर्भर करता है
हमारी हार इसमें नहीं है की कोई दूसरा हमे नहीं पहचानता, हार इसमें है की हम खुद अपने आप को नहीं पहचान पाते
भूल जीवन का एक पेज है और रिश्ते पूरी किताब, जरूरत पड़े तो भूल का एक पेज फाड़ देना लेकिन एक छोटे से पेज के लिए पूरी किताब नही
जिंदगी में कुछ करना और कुछ बनना हैं, तो अकेले रहने की आदत डालो