रत्न तो लाख मिले एक ह्रदय धन न मिला, दर्द हर वक्त मिला, चैन किसी क्षण न मिला, ढूँढ़ते-ढूँढ़ते ढल गई धूप जीवन की मगर, दूसरी बार लौट के हमें बचपन न मिला...!
कोई भी काम कठिन हो सकता है लेकिन असंभव नही
जो अपना आदर-सम्मान होने पर ख़ुशी से फूल नहीं उठता, और अनादर होने पर क्रोधित नहीं होता तथा गंगाजी के कुण्ड के समान जिसका मन अशांत नहीं होता, वह ज्ञानी कहलाता है।।
आपके आने वाले "कल" का "नसीब" आपके बीते हुए "कल" के "कर्मो" पर निर्भर करता है
जब कोई आपसे दो कदम पीछे हटे तो उसे उम्र भर खुश रहने की दुआ देकर चार कदम पीछे हट जाने में ही भलाई है
लाइफ में गिरना बहुत जरूरी है क्योंकि गिरने के बाद ऊपर उठने के अलावा दूसरा कोई ऑप्शन नही बचता
रत्न तो लाख मिले एक ह्रदय धन न मिला, दर्द हर वक्त मिला, चैन किसी क्षण न मिला, ढूँढ़ते-ढूँढ़ते ढल गई धूप जीवन की मगर, दूसरी बार लौट के हमें बचपन न मिला...!
कोई भी काम कठिन हो सकता है लेकिन असंभव नही
जो अपना आदर-सम्मान होने पर ख़ुशी से फूल नहीं उठता, और अनादर होने पर क्रोधित नहीं होता तथा गंगाजी के कुण्ड के समान जिसका मन अशांत नहीं होता, वह ज्ञानी कहलाता है।।
आपके आने वाले "कल" का "नसीब" आपके बीते हुए "कल" के "कर्मो" पर निर्भर करता है
जब कोई आपसे दो कदम पीछे हटे तो उसे उम्र भर खुश रहने की दुआ देकर चार कदम पीछे हट जाने में ही भलाई है
लाइफ में गिरना बहुत जरूरी है क्योंकि गिरने के बाद ऊपर उठने के अलावा दूसरा कोई ऑप्शन नही बचता