ऐसी कोई मंजिल नहीं जहां तक पहुंचने का कोई रास्ता ना हो .

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मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।

प्रत्येक "इन्सान" अपनी जुबान के पीछे छुपा होता है, अगर उसे समझना चाहते हो तो उसको बोलने दो.

हर इंसान के अंदर अच्छाई हर इंसान के अंदर अच्छाई ओर बुराई के बीच एक जंग चलती रहती है।

किसी अच्छे इंसान से कोई गलती हो तो सहन कर लो क्योंकि मोती अगर कचरे में भी गिर जाए तो भी कीमती रहता है

तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो

अच्छे इन्सान की सबसे पहली और सबसे आखिरी निशानी ये है कि वो उन लोगों की भी इज्जत करता है जिनसे उसे किसी किस्म के फायदे की उम्मीद नही होती..!

मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।

प्रत्येक "इन्सान" अपनी जुबान के पीछे छुपा होता है, अगर उसे समझना चाहते हो तो उसको बोलने दो.

हर इंसान के अंदर अच्छाई हर इंसान के अंदर अच्छाई ओर बुराई के बीच एक जंग चलती रहती है।

किसी अच्छे इंसान से कोई गलती हो तो सहन कर लो क्योंकि मोती अगर कचरे में भी गिर जाए तो भी कीमती रहता है

तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो

अच्छे इन्सान की सबसे पहली और सबसे आखिरी निशानी ये है कि वो उन लोगों की भी इज्जत करता है जिनसे उसे किसी किस्म के फायदे की उम्मीद नही होती..!