किसी को ज्ञान उतना ही दो जितना वो समझ सके, क्योंकि बाल्टी भरने के बाद नल ना बंद करने से पानी व्यर्थ हो जाता है
खुश रहना है तो जिंदगी के फैसले अपनी परिस्थिति देखकर ले दुनिया को देखकर जो फैसले लेते है वो दुःखी ही रहते हैं
खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..
जीत की आदत अच्छी है, मगर कुछ रिश्तों में हार जाना बेहतर है
जिसने साथ दिया उसका साथ दो परंतु जिसने त्याग दिया उसे तुम भी त्याग दो
मेरी मंजिल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास है घमण्ड नहीं मुझे अपने इरादों पर ये मेरी सोच और हौसले का विश्वास है
किसी को ज्ञान उतना ही दो जितना वो समझ सके, क्योंकि बाल्टी भरने के बाद नल ना बंद करने से पानी व्यर्थ हो जाता है
खुश रहना है तो जिंदगी के फैसले अपनी परिस्थिति देखकर ले दुनिया को देखकर जो फैसले लेते है वो दुःखी ही रहते हैं
खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..
जीत की आदत अच्छी है, मगर कुछ रिश्तों में हार जाना बेहतर है
जिसने साथ दिया उसका साथ दो परंतु जिसने त्याग दिया उसे तुम भी त्याग दो
मेरी मंजिल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास है घमण्ड नहीं मुझे अपने इरादों पर ये मेरी सोच और हौसले का विश्वास है