आपकी मर्जी के बिना कोई भी आपको तुच्छ होने का अहसास नहीं करवा सकता है
तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो
खिचड़ी अगर बर्तन में पके तो बीमार को ठीक कर देती है और यदि दिमाग में पके तो इंसान को बीमार कर देती है
दुर्जन को साहस से, बलवान को अनुकूल व्यवहार से और समान शक्तिशाली को नम्रता से अथवा अपनी ताकत से वश में करना चाहिए.
दूसरों की खुशी में खुश रहना सीखो वरना दूसरे अपनी खुशी में बुलाना बंद कर देंगे।
निखरती है मुसीबतों से शख्शियत यारो..जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का
आपकी मर्जी के बिना कोई भी आपको तुच्छ होने का अहसास नहीं करवा सकता है
तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो
खिचड़ी अगर बर्तन में पके तो बीमार को ठीक कर देती है और यदि दिमाग में पके तो इंसान को बीमार कर देती है
दुर्जन को साहस से, बलवान को अनुकूल व्यवहार से और समान शक्तिशाली को नम्रता से अथवा अपनी ताकत से वश में करना चाहिए.
दूसरों की खुशी में खुश रहना सीखो वरना दूसरे अपनी खुशी में बुलाना बंद कर देंगे।
निखरती है मुसीबतों से शख्शियत यारो..जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का