ठोकर इसलिए नहीं लगती कि इंसान गिर जाए बल्कि वो तो इसलिए लगती है कि इंसान सुधर जाए .

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होकर मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये, जिंदगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये

आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं

आते है दिन हर किसीके बेहतर, जिंदगी के समंदर में हमेशा तुफान नहीं रहते !!

जब तक हम किसी भी काम को करने की कोशिश नही करते हैं, जब तक हमे वो काम नामुमकिन ही लगता है

थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है

वजह तलाश करो अपने हार जाने की, किसी की जीत पर रोने से कुछ नही होगा। अगर जिंदगी में कुछ पाना है तो..... तरीका बदलो इरादा नहीं !

होकर मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये, जिंदगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये

आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं

आते है दिन हर किसीके बेहतर, जिंदगी के समंदर में हमेशा तुफान नहीं रहते !!

जब तक हम किसी भी काम को करने की कोशिश नही करते हैं, जब तक हमे वो काम नामुमकिन ही लगता है

थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है

वजह तलाश करो अपने हार जाने की, किसी की जीत पर रोने से कुछ नही होगा। अगर जिंदगी में कुछ पाना है तो..... तरीका बदलो इरादा नहीं !