"इतने बड़े बनो कि जब आप खड़े हों तो कोई बैठा न रहे !"

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एक ऐसा लक्ष्य निर्धारित करे जो आपको सुबह बिस्तर से उठने पर मजबूर कर दे

अपनो से इतनी दूरी ना बढ़ाए की दरवाजा खुला हो फिर भी खटखटाना पड़े

मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही पर मिलता जरूर है..

खुद को भी कभी महसूस कर लिया करो, कुछ रौनकें खुद से भी हुआ करती हैं!

बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है

जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!

एक ऐसा लक्ष्य निर्धारित करे जो आपको सुबह बिस्तर से उठने पर मजबूर कर दे

अपनो से इतनी दूरी ना बढ़ाए की दरवाजा खुला हो फिर भी खटखटाना पड़े

मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही पर मिलता जरूर है..

खुद को भी कभी महसूस कर लिया करो, कुछ रौनकें खुद से भी हुआ करती हैं!

बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है

जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!