मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
हकीकत को तलाश करना पड़ता है अफवाहें तो घर बैठे आप तक पहुँच जाती है
एक छोटी सी लड़ाई से हम अपना प्यार खत्म कर लेते हैं इससे तो अच्छा है कि हम प्यार से अपनी लड़ाई खत्म कर लें
मन खुश है तो,, एक बूँद भी बरसात है.. दुखी मन के आगे,, समंदर की क्या औकात है
जरूरत से ज्यादा सोचना भी इंसान की
माफी मांगने का मतलब यह नहीं है कि हम गलत है या सामने वाला सही है....इसका मतलब है कि हम रिश्तों को अपने अंहकार से ज्यादा महत्व देते हैं
मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
हकीकत को तलाश करना पड़ता है अफवाहें तो घर बैठे आप तक पहुँच जाती है
एक छोटी सी लड़ाई से हम अपना प्यार खत्म कर लेते हैं इससे तो अच्छा है कि हम प्यार से अपनी लड़ाई खत्म कर लें
मन खुश है तो,, एक बूँद भी बरसात है.. दुखी मन के आगे,, समंदर की क्या औकात है
जरूरत से ज्यादा सोचना भी इंसान की
माफी मांगने का मतलब यह नहीं है कि हम गलत है या सामने वाला सही है....इसका मतलब है कि हम रिश्तों को अपने अंहकार से ज्यादा महत्व देते हैं