एक समझदार व्यक्ति वह है जो दूसरों को देख कर उनकी विशेषताओं को सिखता है, उनसे तुलना या ईर्ष्या नहीं करता
"संसार में ऐसी कोई भी समस्या नहीं है जो आपके मन की शक्ति से अधिक शक्तिशाली हो
काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.
तब तक मेहनत करते रहो जब तक आपको अपना परिचय खुद किसी को देने की जरूरत ना पड़े
जिन्होंने आपका संघर्ष देखा है सिर्फ वही आपकी कामयाबी की कीमत जानते है औरों के लिए आप केवल भाग्यशाली व्यक्ति हैं।
अगर हम खुद की माने और विश्वाश करे तो हमारा हर कदम सफलता है
एक समझदार व्यक्ति वह है जो दूसरों को देख कर उनकी विशेषताओं को सिखता है, उनसे तुलना या ईर्ष्या नहीं करता
"संसार में ऐसी कोई भी समस्या नहीं है जो आपके मन की शक्ति से अधिक शक्तिशाली हो
काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.
तब तक मेहनत करते रहो जब तक आपको अपना परिचय खुद किसी को देने की जरूरत ना पड़े
जिन्होंने आपका संघर्ष देखा है सिर्फ वही आपकी कामयाबी की कीमत जानते है औरों के लिए आप केवल भाग्यशाली व्यक्ति हैं।
अगर हम खुद की माने और विश्वाश करे तो हमारा हर कदम सफलता है