ख़ामोशी से भी नेक काम होते हैं, मैंने देखा है पेड़ों को छाँव देते हुए.

ख़ामोशी से भी नेक काम होते हैं, मैंने देखा है पेड़ों को छाँव देते हुए.

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लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये.... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!

लक्ष्मी चंचल है. प्राण, जीवन, शरीर सब कुछ चंचल और नाशवान हैं. संसार में केवल धर्म ही निश्चल है.

हर किसी पर यकीन ना करे क्योंकि नमक और शक्कर का रंग एक जैसा होता है

सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे

आत्मविश्वास के साथ आप गगन चूम सकते हैं और आत्मविश्वास के बिना मामूली सी उपलब्धियाँ भी आपकी पकड़ से परे हैं..!!

स्मार्ट बनो क्योंकि कोई भी आपका रिजल्ट देखता है मेहनत नही

लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये.... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!

लक्ष्मी चंचल है. प्राण, जीवन, शरीर सब कुछ चंचल और नाशवान हैं. संसार में केवल धर्म ही निश्चल है.

हर किसी पर यकीन ना करे क्योंकि नमक और शक्कर का रंग एक जैसा होता है

सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे

आत्मविश्वास के साथ आप गगन चूम सकते हैं और आत्मविश्वास के बिना मामूली सी उपलब्धियाँ भी आपकी पकड़ से परे हैं..!!

स्मार्ट बनो क्योंकि कोई भी आपका रिजल्ट देखता है मेहनत नही