जबरदस्ती मत मांगना ज़िन्दगी में किसी का साथ, जो खुद चलकर आये उसकी खुशी ही कुछ और होती है
हौसले जिनके चट्टान हुआ करते हैं रास्ते उनके ही आसान हुआ करते हैं ए नादान न घबरा इन परेशानियों से ये तो पल भर के मेहमान हुआ करते हैं
एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.
खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं
अपनो से इतनी दूरी ना बढ़ाए की दरवाजा खुला हो फिर भी खटखटाना पड़े
“भागते रहो अपने लक्ष्य के पीछे, क्यूंकि आज नहीं तो और कभी, करेंगे लोग गौर कभी, लगे रहो बस रुकना मत, आयेगा तुम्हारा दौर कभी।”
जबरदस्ती मत मांगना ज़िन्दगी में किसी का साथ, जो खुद चलकर आये उसकी खुशी ही कुछ और होती है
हौसले जिनके चट्टान हुआ करते हैं रास्ते उनके ही आसान हुआ करते हैं ए नादान न घबरा इन परेशानियों से ये तो पल भर के मेहमान हुआ करते हैं
एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.
खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं
अपनो से इतनी दूरी ना बढ़ाए की दरवाजा खुला हो फिर भी खटखटाना पड़े
“भागते रहो अपने लक्ष्य के पीछे, क्यूंकि आज नहीं तो और कभी, करेंगे लोग गौर कभी, लगे रहो बस रुकना मत, आयेगा तुम्हारा दौर कभी।”