जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!

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प्रत्येक "इन्सान" अपनी जुबान के पीछे छुपा होता है, अगर उसे समझना चाहते हो तो उसको बोलने दो.

जीवन में किसी को रुलाकर हवन भी करवाओगे तो कोई फायदा नहीं , और अगर रोज किसी एक को भी हँसा दिया तो , आपको अगरबत्ती भी जलाने की जरुरत नहीं !!

सिर्फ उतना ही विन्रम बनो जितना जरूरी हो वेवजह की विनम्रता दुसरो के

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है

सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।

जबरदस्ती मत मांगना ज़िन्दगी में किसी का साथ, जो खुद चलकर आये उसकी खुशी ही कुछ और होती है

प्रत्येक "इन्सान" अपनी जुबान के पीछे छुपा होता है, अगर उसे समझना चाहते हो तो उसको बोलने दो.

जीवन में किसी को रुलाकर हवन भी करवाओगे तो कोई फायदा नहीं , और अगर रोज किसी एक को भी हँसा दिया तो , आपको अगरबत्ती भी जलाने की जरुरत नहीं !!

सिर्फ उतना ही विन्रम बनो जितना जरूरी हो वेवजह की विनम्रता दुसरो के

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है

सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।

जबरदस्ती मत मांगना ज़िन्दगी में किसी का साथ, जो खुद चलकर आये उसकी खुशी ही कुछ और होती है