शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
झाँकने की कुछ.. बेहतरीन जगहों में से, एक जगह .. अपना गिरेबान भी है!
मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।
दूसरों को देखने के बज़ाय आप खुद वो काम करने की कोशिश करें, जिससे कि दूसरे आप को देखें
एक परवाह ही तो बताती है कि कौन किसका कितना ख्याल रखता है. वरना रिश्तों की गहराइयों को मापने का कोई तराजू नहीं होता है
खुशियों की तलाश वहाँ मत करो जहाँ गम को छोड़ा था
शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
झाँकने की कुछ.. बेहतरीन जगहों में से, एक जगह .. अपना गिरेबान भी है!
मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।
दूसरों को देखने के बज़ाय आप खुद वो काम करने की कोशिश करें, जिससे कि दूसरे आप को देखें
एक परवाह ही तो बताती है कि कौन किसका कितना ख्याल रखता है. वरना रिश्तों की गहराइयों को मापने का कोई तराजू नहीं होता है
खुशियों की तलाश वहाँ मत करो जहाँ गम को छोड़ा था