जो सच बोलता है, सबसे अधिक नफ़रत लोग उसी से करते हैं।
अगर कुछ तोड़ना है तो रिकॉर्ड तोड़ो किसी का हौसला नही
प्रीत ना करिये पंछी जैसी जल सूखे उड़ जाए प्रीत करिये मछली जैसी जल सुखे मर जाए
खुद की समझदारी भी
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है
ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं
जो सच बोलता है, सबसे अधिक नफ़रत लोग उसी से करते हैं।
अगर कुछ तोड़ना है तो रिकॉर्ड तोड़ो किसी का हौसला नही
प्रीत ना करिये पंछी जैसी जल सूखे उड़ जाए प्रीत करिये मछली जैसी जल सुखे मर जाए
खुद की समझदारी भी
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है
ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं