जिसके साथ बात करने से ही खुशी दोगुनी और दुख आधा रह जाये, वो ही अपना है.. बाकी तो बस दुनिया है..!!
इतना भी चुप न रहना कभी कि लोग
जिन लोगो को 1 लाख की घड़ी और 100 रुपए की घड़ी में फर्क नजर नही आता उन लोगो से दूर ही रहो तो बेहतर है ये आपकी सोच खत्म कर देंगे
खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है
यदि आपका लक्ष्य आपको सुबह उठे के लिए मजबूर नही करता, तो यकीन मानिए आपका लक्ष्य बहुत छोटा है
तुम अयोग्य या बदसूरत नहीं हो तुम्हारे पास सिर्फ पैसे या पद की कमी है।
जिसके साथ बात करने से ही खुशी दोगुनी और दुख आधा रह जाये, वो ही अपना है.. बाकी तो बस दुनिया है..!!
इतना भी चुप न रहना कभी कि लोग
जिन लोगो को 1 लाख की घड़ी और 100 रुपए की घड़ी में फर्क नजर नही आता उन लोगो से दूर ही रहो तो बेहतर है ये आपकी सोच खत्म कर देंगे
खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है
यदि आपका लक्ष्य आपको सुबह उठे के लिए मजबूर नही करता, तो यकीन मानिए आपका लक्ष्य बहुत छोटा है
तुम अयोग्य या बदसूरत नहीं हो तुम्हारे पास सिर्फ पैसे या पद की कमी है।