अपनों से बस उतना रूठो कि आपकी बात और सामने वाले की इज्जत बरकरार रहे
तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .
सोच खूबसूरत हो तो सब कुछ अच्छा नजर आता है
जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आये-तो आप सुनिश्चित कर सकते है की आप गलत रास्ते मे यात्रा कर रहे है
सदैव
जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है
अपनों से बस उतना रूठो कि आपकी बात और सामने वाले की इज्जत बरकरार रहे
तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .
सोच खूबसूरत हो तो सब कुछ अच्छा नजर आता है
जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आये-तो आप सुनिश्चित कर सकते है की आप गलत रास्ते मे यात्रा कर रहे है
सदैव
जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है