शीशे की तरह चरित्रवान बनो ताकि लोग तुम्हे देखकर अपने चरित्र के दोषों को दूर करें जैसा कि वे शीशे को देखकर अपने चेहरे के दोषों को दूर करते हैं
लोग क्या कहेंगे अगर ये सोच के आप कुछ नही कर रहे है। तो आप जीवन की पहली परीक्षा में हार गए"
माना की सभी गलत है तेरी नज़रो मे वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं
थक कर ना बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर, मंज़िल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा !!
परमात्मा का ज्ञान होने पर देह का मोह मिट जाता है. तब मन जहाँ भी जाता है, वहीं समाधि लग जाती है.
दुनिया पर जीत हासिल करने से पहले अपने मन पर जीत हासिल करना जरुरी है
शीशे की तरह चरित्रवान बनो ताकि लोग तुम्हे देखकर अपने चरित्र के दोषों को दूर करें जैसा कि वे शीशे को देखकर अपने चेहरे के दोषों को दूर करते हैं
लोग क्या कहेंगे अगर ये सोच के आप कुछ नही कर रहे है। तो आप जीवन की पहली परीक्षा में हार गए"
माना की सभी गलत है तेरी नज़रो मे वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं
थक कर ना बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर, मंज़िल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा !!
परमात्मा का ज्ञान होने पर देह का मोह मिट जाता है. तब मन जहाँ भी जाता है, वहीं समाधि लग जाती है.
दुनिया पर जीत हासिल करने से पहले अपने मन पर जीत हासिल करना जरुरी है