यदि आप सच कहते हैं, तो आपको कुछ याद रखने की जरूरत नहीं रहती

यदि आप सच कहते हैं, तो आपको कुछ याद रखने की जरूरत नहीं रहती

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भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।

मौन एक ऐसा तर्क है जिसका खण्डन कर पाना अत्यंत दुष्कर है

प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है

कोई भी "व्यक्ति" हमारा "मित्र" या "शत्रु" बनकर "संसार" में नही आता हमारा "व्यवहार" और "शब्द" ही लोगो को "मित्र" और "शत्रु" बनाते है

इतने दर्द के बाद भी मुस्कुरा रहा हूँ ए ज़िंदगी देख तुझे कैसे हरा रहा हूँ मैं

जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है

भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।

मौन एक ऐसा तर्क है जिसका खण्डन कर पाना अत्यंत दुष्कर है

प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है

कोई भी "व्यक्ति" हमारा "मित्र" या "शत्रु" बनकर "संसार" में नही आता हमारा "व्यवहार" और "शब्द" ही लोगो को "मित्र" और "शत्रु" बनाते है

इतने दर्द के बाद भी मुस्कुरा रहा हूँ ए ज़िंदगी देख तुझे कैसे हरा रहा हूँ मैं

जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है