अपनी बातों को सदैव ध्यानपूर्वक कहे क्योंकि हम तो कहकर भूल जाते है, लेकिन लोग उसे याद रखते है।
मिलता तो बहुत है इस जिंदगी में, बस हम गिनती उसी की करते है, जो हासिल न हो सका
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
वक्त बदलने से उतनी तकलीफ़ नहीं होती. जितनी किसी अपने के बदल जाने से होती है..
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
अपनी बातों को सदैव ध्यानपूर्वक कहे क्योंकि हम तो कहकर भूल जाते है, लेकिन लोग उसे याद रखते है।
मिलता तो बहुत है इस जिंदगी में, बस हम गिनती उसी की करते है, जो हासिल न हो सका
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
वक्त बदलने से उतनी तकलीफ़ नहीं होती. जितनी किसी अपने के बदल जाने से होती है..
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।