विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है
ख़ुशियाँ चाहे किसी के भी साथ बाँट लो "लेकिन" गम भरोसेमंद के साथ ही बाँटना चाहिए
जो अपना आदर-सम्मान होने पर ख़ुशी से फूल नहीं उठता, और अनादर होने पर क्रोधित नहीं होता तथा गंगाजी के कुण्ड के समान जिसका मन अशांत नहीं होता, वह ज्ञानी कहलाता है।।
आर्थिक स्थिति चाहे कितनी भी अच्छी हो, जीवन का सही आनंद लेने के लिए मानसिक स्थिति का अच्छा होना बहुत जरूरी है
हर इंसान के अंदर अच्छाई हर इंसान के अंदर अच्छाई ओर बुराई के बीच एक जंग चलती रहती है।
कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है
विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है
ख़ुशियाँ चाहे किसी के भी साथ बाँट लो "लेकिन" गम भरोसेमंद के साथ ही बाँटना चाहिए
जो अपना आदर-सम्मान होने पर ख़ुशी से फूल नहीं उठता, और अनादर होने पर क्रोधित नहीं होता तथा गंगाजी के कुण्ड के समान जिसका मन अशांत नहीं होता, वह ज्ञानी कहलाता है।।
आर्थिक स्थिति चाहे कितनी भी अच्छी हो, जीवन का सही आनंद लेने के लिए मानसिक स्थिति का अच्छा होना बहुत जरूरी है
हर इंसान के अंदर अच्छाई हर इंसान के अंदर अच्छाई ओर बुराई के बीच एक जंग चलती रहती है।
कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है