इस दुनिया में "सफल" होने का, सबसे अच्छा तरीका है.. उस "सलाह" पर काम करना, जो आप "दूसरों" को देते हैं.
वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है
ज्ञान से बढ़कर कोई दूसरा गुरु नहीं, काम-वासना के समान कोई दूसरा रोग नहीं, क्रोध के समान कोई आग नहीं और अज्ञानता के जैसा शत्रु कोई नहीं.
किसी पर ज्यादा नाराज होने से बेहतर है कि अपने जीवन मे उसकी अहमियत कम कर दो
तकलीफ़े भी अच्छी है..
हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया में हमसे ज्यादा परेशान ओर लोग भी है
इस दुनिया में "सफल" होने का, सबसे अच्छा तरीका है.. उस "सलाह" पर काम करना, जो आप "दूसरों" को देते हैं.
वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है
ज्ञान से बढ़कर कोई दूसरा गुरु नहीं, काम-वासना के समान कोई दूसरा रोग नहीं, क्रोध के समान कोई आग नहीं और अज्ञानता के जैसा शत्रु कोई नहीं.
किसी पर ज्यादा नाराज होने से बेहतर है कि अपने जीवन मे उसकी अहमियत कम कर दो
तकलीफ़े भी अच्छी है..
हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया में हमसे ज्यादा परेशान ओर लोग भी है