अगर आप हमेशा अहंकार से भरे रहते हैं तो फिर इस दुनिया में आपके लिए सीखने को कुछ भी नहीं है ।
थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है
शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
क्रोध हवा का वह झोंका है, जो बुद्धि के दीपक को बुझा देता है जिनकी भाषा में सभ्यता होती है उनके जीवन में सदैव भव्यता होती है.
सुख भी बहुत है परेशानियां भी बहुत है जिंदगी में लाभ है तो हानियां भी बहुत है क्या हुआ जो भगवान ने थोड़े गम दे दिए भगवान की हम पर मेहरबानियां भी बहुत है!
जिसका हृदय सभी प्राणियों के लिए दया से परिपूर्ण है उसे ज्ञान, मोक्ष, जटा, भस्म- लेपन आदि से क्या लेना देना.
अगर आप हमेशा अहंकार से भरे रहते हैं तो फिर इस दुनिया में आपके लिए सीखने को कुछ भी नहीं है ।
थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है
शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
क्रोध हवा का वह झोंका है, जो बुद्धि के दीपक को बुझा देता है जिनकी भाषा में सभ्यता होती है उनके जीवन में सदैव भव्यता होती है.
सुख भी बहुत है परेशानियां भी बहुत है जिंदगी में लाभ है तो हानियां भी बहुत है क्या हुआ जो भगवान ने थोड़े गम दे दिए भगवान की हम पर मेहरबानियां भी बहुत है!
जिसका हृदय सभी प्राणियों के लिए दया से परिपूर्ण है उसे ज्ञान, मोक्ष, जटा, भस्म- लेपन आदि से क्या लेना देना.