किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा अपने हाथों को काम मे लगा दो
पैदल चलना सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन पैदल पैर से चले दिमाग से नही...
मिलता तो बहुत है इस जिंदगी में, बस हम गिनती उसी की करते है, जो हासिल न हो सका
तेरे पास जो है उसकी कदर कर, यहां आसमान के पास भी खुद की ज़मीं नहीं
पैर खिचने से अच्छा है हाथ खिंचिये, क्या पता अपना कोई ऊपर आ जाये !!
ईश्वर की महिमा की थाह कोई नहीं पा सकता. वह पल भर में राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है. धनी को निर्धन और निर्धन को धनी करना उसके लिए सहज है.
किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा अपने हाथों को काम मे लगा दो
पैदल चलना सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन पैदल पैर से चले दिमाग से नही...
मिलता तो बहुत है इस जिंदगी में, बस हम गिनती उसी की करते है, जो हासिल न हो सका
तेरे पास जो है उसकी कदर कर, यहां आसमान के पास भी खुद की ज़मीं नहीं
पैर खिचने से अच्छा है हाथ खिंचिये, क्या पता अपना कोई ऊपर आ जाये !!
ईश्वर की महिमा की थाह कोई नहीं पा सकता. वह पल भर में राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है. धनी को निर्धन और निर्धन को धनी करना उसके लिए सहज है.