समझदार वही है जो फूँक-फूँक कर कदम रखे, पानी को छानकर पिए, शास्त्रानुसार वाक्य बोले और सोच-विचार कर कर्म करे. इस तरह किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है .
तन की खूबसूरती एक भ्रम है..! सबसे खूबसूरत आपकी "वाणी" है..! चाहे तो दिल "जीत" ले. चाहे तो दिल "चीर" दे"! इन्सान सब कुछ कॉपी कर सकता है..! लेकिन किस्मत और नसीब नही..!
सिर्फ उतना ही विन्रम बनो जितना जरूरी हो वेवजह की विनम्रता दुसरो के
प्रतिदिन हमें कुछ न कुछ नया ग्रहण करना चाहिए, फिर चाहे वह एक श्लोक, उसका एक अंश अथवा एक शब्द मात्र ही क्यों न हो. एक-एक शब्द ही एक दिन विशाल समुद्र का रूप धारण कर लेता है.
सबको खुश नही रखा जा सकता है, इसलिए भगवान बनने की कोशिश न कर
कभी ना कहो की दिन अपने ख़राब है। समझ लो की हम काँटों से घिर गए गुलाब है।।
समझदार वही है जो फूँक-फूँक कर कदम रखे, पानी को छानकर पिए, शास्त्रानुसार वाक्य बोले और सोच-विचार कर कर्म करे. इस तरह किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है .
तन की खूबसूरती एक भ्रम है..! सबसे खूबसूरत आपकी "वाणी" है..! चाहे तो दिल "जीत" ले. चाहे तो दिल "चीर" दे"! इन्सान सब कुछ कॉपी कर सकता है..! लेकिन किस्मत और नसीब नही..!
सिर्फ उतना ही विन्रम बनो जितना जरूरी हो वेवजह की विनम्रता दुसरो के
प्रतिदिन हमें कुछ न कुछ नया ग्रहण करना चाहिए, फिर चाहे वह एक श्लोक, उसका एक अंश अथवा एक शब्द मात्र ही क्यों न हो. एक-एक शब्द ही एक दिन विशाल समुद्र का रूप धारण कर लेता है.
सबको खुश नही रखा जा सकता है, इसलिए भगवान बनने की कोशिश न कर
कभी ना कहो की दिन अपने ख़राब है। समझ लो की हम काँटों से घिर गए गुलाब है।।