न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे और न ही इतने मीठे बनों की कोई निगल जाए.
जरूरत से ज्यादा सोचना भी इंसान की
अपने जीवन मे चमत्कार होने का इंतेज़ार मत करो प्रयास करो और खुद एक चमत्कार बन जाओ।
पतझड़ में सिर्फ पत्ते गिरते हैं, नज़रों से गिरने का कोई मौसम नहीं होता
किसी को झुकाने से पहले सोच लेना पहले आपको झुकना पड़ेगा
बेहतरीन इंसान अपनी मीठी बातों से ही जाना जाता है... वरना अच्छी बातें तो दीवारो पे भी लिखी होती है
न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे और न ही इतने मीठे बनों की कोई निगल जाए.
जरूरत से ज्यादा सोचना भी इंसान की
अपने जीवन मे चमत्कार होने का इंतेज़ार मत करो प्रयास करो और खुद एक चमत्कार बन जाओ।
पतझड़ में सिर्फ पत्ते गिरते हैं, नज़रों से गिरने का कोई मौसम नहीं होता
किसी को झुकाने से पहले सोच लेना पहले आपको झुकना पड़ेगा
बेहतरीन इंसान अपनी मीठी बातों से ही जाना जाता है... वरना अच्छी बातें तो दीवारो पे भी लिखी होती है