महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है

महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है

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भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।

मासूमियत इतनी भी नही होनी चाहिए की लोग आपके साथ वक्त गुजारे और आप उसे म्होब्बत समझे

नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..

यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है

आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं

जो लोग आपको सिर्फ काम के वक़्त याद करते है उन लोगो के काम जरूर आओ क्योंकि वो अंधेरे में रोशनी ढूंढते है और वह रोशनी आप हो..

भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।

मासूमियत इतनी भी नही होनी चाहिए की लोग आपके साथ वक्त गुजारे और आप उसे म्होब्बत समझे

नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..

यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है

आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं

जो लोग आपको सिर्फ काम के वक़्त याद करते है उन लोगो के काम जरूर आओ क्योंकि वो अंधेरे में रोशनी ढूंढते है और वह रोशनी आप हो..