एक ही समानता है पतंग और जिन्दगी में... ऊँचाई में हो तब तक ही वाह वाह होती हैं...!!!
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते
मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।
जिन रिश्तों में आपकी मौजूदगी का कोई मतलब नही हो वहाँ से
खुद मालिक बनने की कोशिश जरूर करना क्योंकि आपका बॉस आपको अच्छी से अच्छी सैलरी देकर भी नौकर बना के रखेगा
"जिंदगी अपने तरीके से जी कर तो देखिए खुशिया खुद ब खुद तुम्हे ढुंडते आएगी…"
एक ही समानता है पतंग और जिन्दगी में... ऊँचाई में हो तब तक ही वाह वाह होती हैं...!!!
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते
मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।
जिन रिश्तों में आपकी मौजूदगी का कोई मतलब नही हो वहाँ से
खुद मालिक बनने की कोशिश जरूर करना क्योंकि आपका बॉस आपको अच्छी से अच्छी सैलरी देकर भी नौकर बना के रखेगा
"जिंदगी अपने तरीके से जी कर तो देखिए खुशिया खुद ब खुद तुम्हे ढुंडते आएगी…"