किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा अपने हाथों को काम मे लगा दो
अभिमान मत करो कि मुझे किसी की ज़रूरत नही आत्मनिर्भर बनो की में कर सकता हु हर चीज़ पर वहम भी नही की मेरे बिना कुछ हो नही सकता
बोलकर सोचने से बेहतर है सोचकर बोलना
किसी से प्रतिशोध लेने का आनंद केवल दो दिन तक रहेगा !! परन्तु उसे क्षमा कर देने का आनंद जीवन भर रहेगा !!
ऐसे कार्य करें जिससे की आपको लगे कि आपके काम से अंतर आ रहा है. और अंतर आता भी है
दुष्टों से दुष्टता करने में कोई दोष नहीं है.
किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा अपने हाथों को काम मे लगा दो
अभिमान मत करो कि मुझे किसी की ज़रूरत नही आत्मनिर्भर बनो की में कर सकता हु हर चीज़ पर वहम भी नही की मेरे बिना कुछ हो नही सकता
बोलकर सोचने से बेहतर है सोचकर बोलना
किसी से प्रतिशोध लेने का आनंद केवल दो दिन तक रहेगा !! परन्तु उसे क्षमा कर देने का आनंद जीवन भर रहेगा !!
ऐसे कार्य करें जिससे की आपको लगे कि आपके काम से अंतर आ रहा है. और अंतर आता भी है
दुष्टों से दुष्टता करने में कोई दोष नहीं है.