अगर आपका रास्ता सबसे अलग है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप खो गए है

अगर आपका रास्ता सबसे अलग है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप खो गए है

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"सार्वजनिक"​ रूप से की गई "आलोचना" अपमान में बदल जाती है और .... "एकांत"​ में बताने पर ​"सलाह"​ बन जाती है...!!

पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र...! आज हरे...........कल सूखे क्यों न हम जड़ों से रिश्ते निभाना सीखें...

सबको ओढनी है मिट्टी की चादर एक दिन, ऐसा कोई दिया नहीं जिस पर हवा की नजर नहीं

दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत नहीं होती। अर्थात आवश्कयता के अनुसार साधन जुटाने चाहिए।

अपने लिए नहीं तो उनके लिए कामयाब बनो जो आपको नाकामयाब देखना चाहते हैं .

लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये.... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!

"सार्वजनिक"​ रूप से की गई "आलोचना" अपमान में बदल जाती है और .... "एकांत"​ में बताने पर ​"सलाह"​ बन जाती है...!!

पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र...! आज हरे...........कल सूखे क्यों न हम जड़ों से रिश्ते निभाना सीखें...

सबको ओढनी है मिट्टी की चादर एक दिन, ऐसा कोई दिया नहीं जिस पर हवा की नजर नहीं

दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत नहीं होती। अर्थात आवश्कयता के अनुसार साधन जुटाने चाहिए।

अपने लिए नहीं तो उनके लिए कामयाब बनो जो आपको नाकामयाब देखना चाहते हैं .

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