लोगो की बातों पे गौर करना, वो बातों से अच्छा चाहते है इरादों से नही
बुरे वक्त की सबसे अच्छी बात पता है क्या है ? वो भी बीत जाता है
सब्र एक ऐसी सवारी है, जो अपने सवार को कभी गिरने नहीं देती, ना किसी के कदमों में, ना किसी के नजरों में
जब सोच में मोच आती है तब हर रिश्ते में खरोंच आती हैं...
जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की
इन्सान बातें वहीं क्लियर करता है जहां उसे रिश्ता रखना हो वरना लोग तो कहते हैं अच्छा हुआ जान छूटी
लोगो की बातों पे गौर करना, वो बातों से अच्छा चाहते है इरादों से नही
बुरे वक्त की सबसे अच्छी बात पता है क्या है ? वो भी बीत जाता है
सब्र एक ऐसी सवारी है, जो अपने सवार को कभी गिरने नहीं देती, ना किसी के कदमों में, ना किसी के नजरों में
जब सोच में मोच आती है तब हर रिश्ते में खरोंच आती हैं...
जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की
इन्सान बातें वहीं क्लियर करता है जहां उसे रिश्ता रखना हो वरना लोग तो कहते हैं अच्छा हुआ जान छूटी