अकेलापन सदैव आपका एक महत्पूर्ण व्यक्ति से परिचय करवाएगा और व्यक्ति है.. स्वयं आप
अपनों से बस उतना रूठो कि आपकी बात और सामने वाले की इज्जत बरकरार रहे
उस काम का चयन कीजिये जिसे आप पसंद करते हों, फिर आप पूरी ज़िन्दगी एक दिन भी काम नहीं करंगे
ख़ामोशी से भी नेक काम होते हैं, मैंने देखा है पेड़ों को छाँव देते हुए.
मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है.जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है.
अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.
अकेलापन सदैव आपका एक महत्पूर्ण व्यक्ति से परिचय करवाएगा और व्यक्ति है.. स्वयं आप
अपनों से बस उतना रूठो कि आपकी बात और सामने वाले की इज्जत बरकरार रहे
उस काम का चयन कीजिये जिसे आप पसंद करते हों, फिर आप पूरी ज़िन्दगी एक दिन भी काम नहीं करंगे
ख़ामोशी से भी नेक काम होते हैं, मैंने देखा है पेड़ों को छाँव देते हुए.
मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है.जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है.
अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.