सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।
वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है
कल के लिए सबसे अच्छी तैयारी यही है कि आज अच्छा करो
जीवन में छोटे, बड़े सब को महत्त्व दो क्योंकि जहाँ सुई का काम है, वहाँ तलवार काम नहीं करती
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
रात भर गहरी नींद आना इतना आसान नहीं उसके लिए दिन भर ईमानदारी से जीना पड़ता हैं
सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।
वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है
कल के लिए सबसे अच्छी तैयारी यही है कि आज अच्छा करो
जीवन में छोटे, बड़े सब को महत्त्व दो क्योंकि जहाँ सुई का काम है, वहाँ तलवार काम नहीं करती
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
रात भर गहरी नींद आना इतना आसान नहीं उसके लिए दिन भर ईमानदारी से जीना पड़ता हैं