यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो
दुनिया में अधिकांश महत्वपूर्ण चीजें उन लोगों द्वारा पूरी की गई जिन्होंने तब कोशिश की जब कोई उम्मीद नहीं थी
एक बार काम को सच्ची लगन से शुरू तो करो कुदरत ख़ुद ब खुद रास्ते खोलता जाएगा
साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है. साधु तीर्थों के समान होते हैं, तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है’
यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है
पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र...! आज हरे...........कल सूखे क्यों न हम जड़ों से रिश्ते निभाना सीखें...
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो
दुनिया में अधिकांश महत्वपूर्ण चीजें उन लोगों द्वारा पूरी की गई जिन्होंने तब कोशिश की जब कोई उम्मीद नहीं थी
एक बार काम को सच्ची लगन से शुरू तो करो कुदरत ख़ुद ब खुद रास्ते खोलता जाएगा
साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है. साधु तीर्थों के समान होते हैं, तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है’
यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है
पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र...! आज हरे...........कल सूखे क्यों न हम जड़ों से रिश्ते निभाना सीखें...