शुक्र गुजार हूँ उन तमाम लोगो का जिन्होने बुरे वक्त मे मेरा साथ छोङ दिया क्योकि उन्हे भरोसा था कि मै मुसीबतो से अकेले ही निपट सकता हूँ।
पहचान बनानी है तो
किसी का जवाब ना आना भी एक जवाब ही है की अब वो इंसान आपके साथ नही रहना चाहता आप भी समझदारी के साथ फैसला लीजिये और उसे उसके हाल पर छोड़ दीजिए.
जिन्दगी की हर सुबह कुछ शर्ते लेके आती है। और जिन्दगी की हर शाम कुछ तर्जुबे देके जाती है।
एक छोटी सी लड़ाई से हम अपना प्यार खत्म कर लेते हैं इससे तो अच्छा है कि हम प्यार से अपनी लड़ाई खत्म कर लें
मनुष्य रूप, यौवन और मदिरा में खोकर अपने आप को ही भूल जाता है, लेकिन जब उसे होश आता है तो नरक का द्वार उसके सामने होता है. अर्थात सूरा-सुंदरी का सुख मनुष्य को नरक के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकता. इससे बचना ही श्रेयस्कर है.
शुक्र गुजार हूँ उन तमाम लोगो का जिन्होने बुरे वक्त मे मेरा साथ छोङ दिया क्योकि उन्हे भरोसा था कि मै मुसीबतो से अकेले ही निपट सकता हूँ।
पहचान बनानी है तो
किसी का जवाब ना आना भी एक जवाब ही है की अब वो इंसान आपके साथ नही रहना चाहता आप भी समझदारी के साथ फैसला लीजिये और उसे उसके हाल पर छोड़ दीजिए.
जिन्दगी की हर सुबह कुछ शर्ते लेके आती है। और जिन्दगी की हर शाम कुछ तर्जुबे देके जाती है।
एक छोटी सी लड़ाई से हम अपना प्यार खत्म कर लेते हैं इससे तो अच्छा है कि हम प्यार से अपनी लड़ाई खत्म कर लें
मनुष्य रूप, यौवन और मदिरा में खोकर अपने आप को ही भूल जाता है, लेकिन जब उसे होश आता है तो नरक का द्वार उसके सामने होता है. अर्थात सूरा-सुंदरी का सुख मनुष्य को नरक के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकता. इससे बचना ही श्रेयस्कर है.