मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो
जरूरत से ज्यादा सोचना भी इंसान की
जिदंगी मे अच्छे लोगो की तलाश मत करो खुद अच्छे बन जाओ आपसे मिलकर शायद किसी की तालाश पूरी हो।
फोकस खुद पे करो जब तक लोग तुम पर फोकस ना करे
सुख का ताला केवल और केवल संतुष्टि की चाभी से खुलता है
अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी
मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो
जरूरत से ज्यादा सोचना भी इंसान की
जिदंगी मे अच्छे लोगो की तलाश मत करो खुद अच्छे बन जाओ आपसे मिलकर शायद किसी की तालाश पूरी हो।
फोकस खुद पे करो जब तक लोग तुम पर फोकस ना करे
सुख का ताला केवल और केवल संतुष्टि की चाभी से खुलता है
अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी