परम शत्रु से भी ज्यादा घातक है गलत दिशा में भटकता हुआ आपका मन

परम शत्रु से भी ज्यादा घातक है गलत दिशा में भटकता हुआ आपका मन

Share:

More Like This

सफलता के लिए सिर्फ कल्पना ही नहीं, सार्थक कर्म भी जरूरी है सीढ़ियों को देखते रहना ही पर्याप्त नहीं है, सीढ़ियों पर चढ़ना भी जरूरी है.

कड़ी मेहनत और खुदा की रहमत इंसान को गिरने नही देती...

तन की जाने मन की जाने जाने चित्त की चोरी उस मालिक से क्या छुपावे जिसके हाथ है सब की डोर

छोटी छोटी बाते दिल में रखने से, बड़े बड़े रिश्तें कमजोर हो जाते है।

अच्छे जरूर बने लेकिन साबित करने की कोशिश ना करें...

आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा

सफलता के लिए सिर्फ कल्पना ही नहीं, सार्थक कर्म भी जरूरी है सीढ़ियों को देखते रहना ही पर्याप्त नहीं है, सीढ़ियों पर चढ़ना भी जरूरी है.

कड़ी मेहनत और खुदा की रहमत इंसान को गिरने नही देती...

तन की जाने मन की जाने जाने चित्त की चोरी उस मालिक से क्या छुपावे जिसके हाथ है सब की डोर

छोटी छोटी बाते दिल में रखने से, बड़े बड़े रिश्तें कमजोर हो जाते है।

अच्छे जरूर बने लेकिन साबित करने की कोशिश ना करें...

आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा