खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है. खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है
हमेशा अपना best करो | जो तुम अभी बोते हो उसकी फसल बाद में काटते हो
मुर्ख की यह प्रव्रत्ति है कि वह सदैव उन लोगों का अपमान करता है जो विद्या, शील, आयु। बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ट हैं तथा माननीय हैं।
सब कुछ खोने के बाद भी अगर आपमे हौसला है तो समझ लीजिए आपने कुछ नही खोया है
ज़िन्दगी से यही सीखा है मेहनत करो रुकना नहीं हालत कैसे भी हो किसी के सामने झुकना नहीं
जीवन मे धोखा खाना भी बहुत जरूरी है क्योंकि चलना माँ-बाप सिखा देते है लेकिन संभलना खुद ही सीखना पड़ता है
खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है. खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है
हमेशा अपना best करो | जो तुम अभी बोते हो उसकी फसल बाद में काटते हो
मुर्ख की यह प्रव्रत्ति है कि वह सदैव उन लोगों का अपमान करता है जो विद्या, शील, आयु। बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ट हैं तथा माननीय हैं।
सब कुछ खोने के बाद भी अगर आपमे हौसला है तो समझ लीजिए आपने कुछ नही खोया है
ज़िन्दगी से यही सीखा है मेहनत करो रुकना नहीं हालत कैसे भी हो किसी के सामने झुकना नहीं
जीवन मे धोखा खाना भी बहुत जरूरी है क्योंकि चलना माँ-बाप सिखा देते है लेकिन संभलना खुद ही सीखना पड़ता है