शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
क्रोध में भी शब्दो का चुनाव ऐसा होना चाहिए कि कल जब गुस्सा उतरे तो खुद की नजरों में शर्मिंदा न होना पड़े
उस व्यक्ति के लिए सभी परिस्थितियां अच्छी हैं जो अपने भीतर खुशी संजो कर रखता है
"गलती उसी इंसान से होती है जो काम करता है... काम न करने वाले सिर्फ गलती ढूंढते है.!"
कोशिश तब तक जारी रखो, जब तक मजिल ना मिल जाए..
इत्र से कपड़ो का महकना कोई बड़ी बात नही, मजा तो तब है जब आपके किरदार में खुशबू महके।
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
क्रोध में भी शब्दो का चुनाव ऐसा होना चाहिए कि कल जब गुस्सा उतरे तो खुद की नजरों में शर्मिंदा न होना पड़े
उस व्यक्ति के लिए सभी परिस्थितियां अच्छी हैं जो अपने भीतर खुशी संजो कर रखता है
"गलती उसी इंसान से होती है जो काम करता है... काम न करने वाले सिर्फ गलती ढूंढते है.!"
कोशिश तब तक जारी रखो, जब तक मजिल ना मिल जाए..
इत्र से कपड़ो का महकना कोई बड़ी बात नही, मजा तो तब है जब आपके किरदार में खुशबू महके।