किसी के दर्द की बैंडेज मत बनो क्योंकि जब घाव भर जाएगा तो तुम कूड़ेदान में फेंक दिए जाओग
कहीं मिलेगी प्रशंसा तो, कहीं नाराजगीयो का बहाव मिलेगा कहीं मिलेगी दुआ तो, कहीं भावनाओ में दुर्भाव मिलेगा तू चलाचल राही अपने कर्मपथ पे जैसा तेरा भाव वैसा प्रभाव मिलेगा
सच्चा ज्ञान वही है जो स्वाभिमान और घमंड में अंतर करना सिखाये
प्रतिभा ईश्वर से मिलती है, नतमस्तक रहें..! ख्याति समाज से मिलती है, आभारी रहें..! लेकिन मनोवृत्ति और घमंड स्वयं से मिलते है
यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा
इस दुनिया में "सफल" होने का, सबसे अच्छा तरीका है.. उस "सलाह" पर काम करना, जो आप "दूसरों" को देते हैं.
किसी के दर्द की बैंडेज मत बनो क्योंकि जब घाव भर जाएगा तो तुम कूड़ेदान में फेंक दिए जाओग
कहीं मिलेगी प्रशंसा तो, कहीं नाराजगीयो का बहाव मिलेगा कहीं मिलेगी दुआ तो, कहीं भावनाओ में दुर्भाव मिलेगा तू चलाचल राही अपने कर्मपथ पे जैसा तेरा भाव वैसा प्रभाव मिलेगा
सच्चा ज्ञान वही है जो स्वाभिमान और घमंड में अंतर करना सिखाये
प्रतिभा ईश्वर से मिलती है, नतमस्तक रहें..! ख्याति समाज से मिलती है, आभारी रहें..! लेकिन मनोवृत्ति और घमंड स्वयं से मिलते है
यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा
इस दुनिया में "सफल" होने का, सबसे अच्छा तरीका है.. उस "सलाह" पर काम करना, जो आप "दूसरों" को देते हैं.