सलाह के सौ शब्दों से ज्यादा अनुभव की एक ठोकर इंसान को बहुत मजबूत बनाती है
कुछ भी "कर्म करो" हमेशा एक बात ध्यान रखो की “परमात्मा" Online है
दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों, जो तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।
प्रीत ना करिये पंछी जैसी जल सूखे उड़ जाए प्रीत करिये मछली जैसी जल सुखे मर जाए
अगर सफल होने का जुनून सर पर है तो मुश्किले आप को नहीं रोक पायेगी .
जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....
सलाह के सौ शब्दों से ज्यादा अनुभव की एक ठोकर इंसान को बहुत मजबूत बनाती है
कुछ भी "कर्म करो" हमेशा एक बात ध्यान रखो की “परमात्मा" Online है
दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों, जो तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।
प्रीत ना करिये पंछी जैसी जल सूखे उड़ जाए प्रीत करिये मछली जैसी जल सुखे मर जाए
अगर सफल होने का जुनून सर पर है तो मुश्किले आप को नहीं रोक पायेगी .
जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....