सिर्फ दुनिया के सामने जीतने वाला ही "विजेता" नहीं होता, किन "रिश्तों" के सामने कब और कहाँ पर "हारना" है, यह जानने वाला भी विजेता होता है
जब जिंदगी में कुछ बड़ा करने की कोशिश करोगे तब , ना कोई ध्यान देगा ना कोई साथ देगा
सच्चाई के रास्ते पर चलने में फायदा है क्योंकि इस रास्ते मे "भीड़ कम" मिलती है
खुद से जितना दुनिया की सबसे बड़ी जीत है
अपनी "आदतों" के अनुसार चलने में इतनी "गलतियां" नहीं होती जितना "दुनिया" का ख्याल और "लिहाज़" रखकर चलने में होती है।
दुनिया पर जीत हासिल करने से पहले अपने मन पर जीत हासिल करना जरुरी है
सिर्फ दुनिया के सामने जीतने वाला ही "विजेता" नहीं होता, किन "रिश्तों" के सामने कब और कहाँ पर "हारना" है, यह जानने वाला भी विजेता होता है
जब जिंदगी में कुछ बड़ा करने की कोशिश करोगे तब , ना कोई ध्यान देगा ना कोई साथ देगा
सच्चाई के रास्ते पर चलने में फायदा है क्योंकि इस रास्ते मे "भीड़ कम" मिलती है
खुद से जितना दुनिया की सबसे बड़ी जीत है
अपनी "आदतों" के अनुसार चलने में इतनी "गलतियां" नहीं होती जितना "दुनिया" का ख्याल और "लिहाज़" रखकर चलने में होती है।
दुनिया पर जीत हासिल करने से पहले अपने मन पर जीत हासिल करना जरुरी है