जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है
यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा
तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश हैं. तू चल तेरे वज़ूद की समय को भी तलाश हैं.
आप,अपनी चिंताओं का आकार देखकर,अपने ईश्वर के आकार को जान सकते हो, जितनी लम्बी आपकी लिस्ट होगी, उतना छोटा आपका ईश्वर होगा
मनुष्य जैसे लोगों के बीच उठता-बैठता है, जैसो की सेवा करता है तथा जैसा बनने की कमाना करता है, वैसा ही बन जाता है।
कमियां ढूंढने में कोई दिक्कत नहीं है, बस शुरुआत खुद से करें!
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है
यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा
तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश हैं. तू चल तेरे वज़ूद की समय को भी तलाश हैं.
आप,अपनी चिंताओं का आकार देखकर,अपने ईश्वर के आकार को जान सकते हो, जितनी लम्बी आपकी लिस्ट होगी, उतना छोटा आपका ईश्वर होगा
मनुष्य जैसे लोगों के बीच उठता-बैठता है, जैसो की सेवा करता है तथा जैसा बनने की कमाना करता है, वैसा ही बन जाता है।
कमियां ढूंढने में कोई दिक्कत नहीं है, बस शुरुआत खुद से करें!