अगर पहले हम ये जन लें की हम कहाँ पर हैं और हम किस दिशा में जा रहे हैं, तो हमें क्या और कैसे करना चाहिए इसका बेहतर निर्णय कर सकते हैं

अगर पहले हम ये जन लें की हम कहाँ पर हैं और हम किस दिशा में जा रहे हैं, तो हमें क्या और कैसे करना चाहिए इसका बेहतर निर्णय कर सकते हैं

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जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी

परमात्मा का ज्ञान होने पर देह का मोह मिट जाता है. तब मन जहाँ भी जाता है, वहीं समाधि लग जाती है.

नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।

कोई तब तक आपकी सवारी नहीं कर सकता जब तक आपकी पीठ झुकी ना हो

किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है। संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं है, किन्तु उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर देता है

झूठ का भी अजीब 'जायका' है स्वयं बोलो तो मीठा' लगता है कोई और बोले तो 'कड़वा'

जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी

परमात्मा का ज्ञान होने पर देह का मोह मिट जाता है. तब मन जहाँ भी जाता है, वहीं समाधि लग जाती है.

नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।

कोई तब तक आपकी सवारी नहीं कर सकता जब तक आपकी पीठ झुकी ना हो

किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है। संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं है, किन्तु उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर देता है

झूठ का भी अजीब 'जायका' है स्वयं बोलो तो मीठा' लगता है कोई और बोले तो 'कड़वा'