बेशक गलती भूल जाओ, मगर
ज़िंदगी में समस्या देने वाले की हस्ती कितनी भी बड़ी क्यों न हो.... पर भगवान की "कृपादृष्टि" से बड़ी नहीं हो सकती!!
खुद को भी कभी महसूस कर लिया करो, कुछ रौनकें खुद से भी हुआ करती हैं!
कर्म भूमि की दुनिया में श्रम सभी को करना है, भगवान सिर्फ लकीरें देता है, रंग हमें ही भरना है
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!
कामयाबी का इंतजार करने से बेहतर है, उसके लिए कोशिश की जाए
बेशक गलती भूल जाओ, मगर
ज़िंदगी में समस्या देने वाले की हस्ती कितनी भी बड़ी क्यों न हो.... पर भगवान की "कृपादृष्टि" से बड़ी नहीं हो सकती!!
खुद को भी कभी महसूस कर लिया करो, कुछ रौनकें खुद से भी हुआ करती हैं!
कर्म भूमि की दुनिया में श्रम सभी को करना है, भगवान सिर्फ लकीरें देता है, रंग हमें ही भरना है
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!
कामयाबी का इंतजार करने से बेहतर है, उसके लिए कोशिश की जाए