निखरती है मुसीबतों से शख्शियत यारो..जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का
ख़ुशियाँ चाहे किसी के भी साथ बाँट लो "लेकिन" गम भरोसेमंद के साथ ही बाँटना चाहिए
माँ बाप के साथ आपका सुलूक। वो कहानी है..... जिसे आप लिखते हैं.. .... और आपकी संतान आपको पढ़कर सुनाती है...।
किस्मत सिर्फ मेहनत करने से बदलती है बैठ कर सोचते रहने से नहीं
जिंदगी में समस्या तो हर दिन नई खड़ी है, जीत जाते है वो जिनकी सोच कुछ बड़ी है आओ...आज मुश्किलों को हराते हैं चलो, आज दिन भर मुस्कुराते हैं..!!
उम्मीद हमे कभी भी छोड़ कर नहीं जाती बस हम ही उसे छोड़ देते है
निखरती है मुसीबतों से शख्शियत यारो..जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का
ख़ुशियाँ चाहे किसी के भी साथ बाँट लो "लेकिन" गम भरोसेमंद के साथ ही बाँटना चाहिए
माँ बाप के साथ आपका सुलूक। वो कहानी है..... जिसे आप लिखते हैं.. .... और आपकी संतान आपको पढ़कर सुनाती है...।
किस्मत सिर्फ मेहनत करने से बदलती है बैठ कर सोचते रहने से नहीं
जिंदगी में समस्या तो हर दिन नई खड़ी है, जीत जाते है वो जिनकी सोच कुछ बड़ी है आओ...आज मुश्किलों को हराते हैं चलो, आज दिन भर मुस्कुराते हैं..!!
उम्मीद हमे कभी भी छोड़ कर नहीं जाती बस हम ही उसे छोड़ देते है