किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है

किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है

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सामने हो मंजिल तो रास्ते न मोड़ना, जो भी मन में हो वो सपना न तोड़ना कदम कदम पे मिलेगी मुश्किल आपको, बस सितारे चुनने के लिए जमीन मत छोड़ना

जब भी तुम्हारा हौसला आसमान तक जाएगा याद रखना कोई ना कोई पंख काटने जरूर आएगा.

विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है

यदि कोई आपसे जलता है जनाब तो यह भी एक सफलता है

नम्रता से बात करना हर एक का आदर करना शुक्रिया अदा करना और माफी मॉगना ये गुण जिसके पास हैं वो सदा सबके करीब औऱ सबके लिये खास है

एक बात हमेशा ध्यान रखो कि समय और स्थिति कभी भी बदल सकती है इसलिए कभी भी किसी का अपमान मत करो।

सामने हो मंजिल तो रास्ते न मोड़ना, जो भी मन में हो वो सपना न तोड़ना कदम कदम पे मिलेगी मुश्किल आपको, बस सितारे चुनने के लिए जमीन मत छोड़ना

जब भी तुम्हारा हौसला आसमान तक जाएगा याद रखना कोई ना कोई पंख काटने जरूर आएगा.

विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है

यदि कोई आपसे जलता है जनाब तो यह भी एक सफलता है

नम्रता से बात करना हर एक का आदर करना शुक्रिया अदा करना और माफी मॉगना ये गुण जिसके पास हैं वो सदा सबके करीब औऱ सबके लिये खास है

एक बात हमेशा ध्यान रखो कि समय और स्थिति कभी भी बदल सकती है इसलिए कभी भी किसी का अपमान मत करो।