किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है

किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है

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अपनी नाकामियों को स्वीकार करो, अपनी गलतियों को देखो और सुधार करो, जिन्दगी में कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती, और कोशिश करने वाले की कभी हार नहीं होती।

थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है

सिर्फ उतना ही विन्रम बनो जितना जरूरी हो वेवजह की विनम्रता दुसरो के

सफर का मजा लेना हो तो साथ में सामान कम रखिए, और ज़िन्दगी का मजा लेना हैं तो दिल में अरमान कम रखिए।

. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे

जिसने साथ दिया उसका साथ दो परंतु जिसने त्याग दिया उसे तुम भी त्याग दो

अपनी नाकामियों को स्वीकार करो, अपनी गलतियों को देखो और सुधार करो, जिन्दगी में कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती, और कोशिश करने वाले की कभी हार नहीं होती।

थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है

सिर्फ उतना ही विन्रम बनो जितना जरूरी हो वेवजह की विनम्रता दुसरो के

सफर का मजा लेना हो तो साथ में सामान कम रखिए, और ज़िन्दगी का मजा लेना हैं तो दिल में अरमान कम रखिए।

. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे

जिसने साथ दिया उसका साथ दो परंतु जिसने त्याग दिया उसे तुम भी त्याग दो