किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है

किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है

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सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।

इस दुनिया में सम्मान से जीने का सबसे महान तरीका है कि हम वो बनें जो होने का हम दिखावा करते हैं।

ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी

शुक्र गुजार हूँ उन तमाम लोगो का जिन्होने बुरे वक्त मे मेरा साथ छोङ दिया क्योकि उन्हे भरोसा था कि मै मुसीबतो से अकेले ही निपट सकता हूँ।

शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें

भरोसा एक रिश्ते की सबसे महंगी शर्त है।

सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।

इस दुनिया में सम्मान से जीने का सबसे महान तरीका है कि हम वो बनें जो होने का हम दिखावा करते हैं।

ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी

शुक्र गुजार हूँ उन तमाम लोगो का जिन्होने बुरे वक्त मे मेरा साथ छोङ दिया क्योकि उन्हे भरोसा था कि मै मुसीबतो से अकेले ही निपट सकता हूँ।

शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें

भरोसा एक रिश्ते की सबसे महंगी शर्त है।