किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है

किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है

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मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।

जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।

झूठी कसम से इंसान तो नही मरता मगर भरोसा जरूर मर जाता है

भीड़ में सभी लोग अच्छे नहीं होते और अच्छे लोगों की कभी भीड़ नहीं होती

खुशी का पहला उपाय पिछली बातों पर बहुत अधिक विचार करने से बचें

जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आये-तो आप सुनिश्चित कर सकते है की आप गलत रास्ते मे यात्रा कर रहे है

मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।

जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।

झूठी कसम से इंसान तो नही मरता मगर भरोसा जरूर मर जाता है

भीड़ में सभी लोग अच्छे नहीं होते और अच्छे लोगों की कभी भीड़ नहीं होती

खुशी का पहला उपाय पिछली बातों पर बहुत अधिक विचार करने से बचें

जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आये-तो आप सुनिश्चित कर सकते है की आप गलत रास्ते मे यात्रा कर रहे है