देर से बनो मगर जरूर कुछ बनो क्योकि वक़्त के साथ लोग खेरियत नहीं हैसियत पूछते है

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एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता

तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .

त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है.।

इस तरह से अपना व्यवहार रखना चाहिए कि अगर कोई तुम्हारे बारे में बुरा भी कहे तो कोई भी उस पर विश्वास न करे।

शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें

कड़ी मेहनत और खुदा की रहमत इंसान को गिरने नही देती...

एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता

तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .

त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है.।

इस तरह से अपना व्यवहार रखना चाहिए कि अगर कोई तुम्हारे बारे में बुरा भी कहे तो कोई भी उस पर विश्वास न करे।

शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें

कड़ी मेहनत और खुदा की रहमत इंसान को गिरने नही देती...