क्रोध हवा का वह झोंका है, जो बुद्धि के दीपक को बुझा देता है जिनकी भाषा में सभ्यता होती है उनके जीवन में सदैव भव्यता होती है.
सफ़लता का सीधा संबंध परिश्रम से है, जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है, वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता।
जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी
जरूरी नही कि हम सबको पसंद आए, बस, जिंदगी एेसे जिओ कि रब को पसंद आए...???
ज़िन्दगी की कठनाइयों से भाग जाना आसान होता है, जिंदगी में हर पहलू इम्तेहान होता है, डरने वालो को नही मिलता कुछ ज़िन्दगी में, लड़ने वालों के कदमो में जहांन होता है
मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।
क्रोध हवा का वह झोंका है, जो बुद्धि के दीपक को बुझा देता है जिनकी भाषा में सभ्यता होती है उनके जीवन में सदैव भव्यता होती है.
सफ़लता का सीधा संबंध परिश्रम से है, जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है, वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता।
जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी
जरूरी नही कि हम सबको पसंद आए, बस, जिंदगी एेसे जिओ कि रब को पसंद आए...???
ज़िन्दगी की कठनाइयों से भाग जाना आसान होता है, जिंदगी में हर पहलू इम्तेहान होता है, डरने वालो को नही मिलता कुछ ज़िन्दगी में, लड़ने वालों के कदमो में जहांन होता है
मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।