पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
आप चाहे कितना भी भलाई का काम कर लो, मगर, उस भलाई की उम्र सिर्फ अगली गलती होने तक ही है
झूठ बोल कर कुछ पाने से अच्छा है सच बोलकर उसे खो दो
रोना बंद करो और अपनी तकलीफों से खुद लड़ना सीखो क्योंकि साथ देने वाले भी शमशान से आगे नही जाते..
भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।
भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
आप चाहे कितना भी भलाई का काम कर लो, मगर, उस भलाई की उम्र सिर्फ अगली गलती होने तक ही है
झूठ बोल कर कुछ पाने से अच्छा है सच बोलकर उसे खो दो
रोना बंद करो और अपनी तकलीफों से खुद लड़ना सीखो क्योंकि साथ देने वाले भी शमशान से आगे नही जाते..
भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।
भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।