उम्मीद हमे कभी भी छोड़ कर नहीं जाती बस हम ही उसे छोड़ देते है

उम्मीद हमे कभी भी छोड़ कर नहीं जाती बस हम ही उसे छोड़ देते है

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जीवन में किसी को रुलाकर हवन भी करवाओगे तो कोई फायदा नहीं , और अगर रोज किसी एक को भी हँसा दिया तो , आपको अगरबत्ती भी जलाने की जरुरत नहीं !!

दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है

नाराजगी कभी वहाँ मत रखिये...जहाँ आपको बताना पड़े आप नाराज हो

ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।

मृतिका पिंड (मिट्टी का ढेला) भी फूलों की सुगंध देता है। अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवशय पड़ता है जैसे जिस मिटटी में फूल खिलते है उस मिट्टी से भी फूलों की सुगंध आने लगती है।

"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"

जीवन में किसी को रुलाकर हवन भी करवाओगे तो कोई फायदा नहीं , और अगर रोज किसी एक को भी हँसा दिया तो , आपको अगरबत्ती भी जलाने की जरुरत नहीं !!

दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है

नाराजगी कभी वहाँ मत रखिये...जहाँ आपको बताना पड़े आप नाराज हो

ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।

मृतिका पिंड (मिट्टी का ढेला) भी फूलों की सुगंध देता है। अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवशय पड़ता है जैसे जिस मिटटी में फूल खिलते है उस मिट्टी से भी फूलों की सुगंध आने लगती है।

"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"