प्रत्येक "इन्सान" अपनी जुबान के पीछे छुपा होता है, अगर उसे समझना चाहते हो तो उसको बोलने दो.
पैसा कमाने के लिए इतना वक्त खर्च ना करो कि पैसा खर्च करने के लिए ज़िन्दगी में वक्त ही ना मिले
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा..
. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे
सपनों को पूरा करने की कोशिश करना कभी बंद मत करो क्योंकि सपने एक - दिन ज़रूर सच होते हैं
एक अकेला पहिया नहीं चला करता।
प्रत्येक "इन्सान" अपनी जुबान के पीछे छुपा होता है, अगर उसे समझना चाहते हो तो उसको बोलने दो.
पैसा कमाने के लिए इतना वक्त खर्च ना करो कि पैसा खर्च करने के लिए ज़िन्दगी में वक्त ही ना मिले
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा..
. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे
सपनों को पूरा करने की कोशिश करना कभी बंद मत करो क्योंकि सपने एक - दिन ज़रूर सच होते हैं
एक अकेला पहिया नहीं चला करता।