अगर ज़िन्दगी में कामयाब होना चाहते हो…तो बोलने से ज़्यादा सुनने की आदत डालो…!!
जिस प्रकार घिसने, तापने, काटने और पीटने से सोने का परीक्षण होता है. उसी प्रकार त्याग, शील, गुण, एवं कर्मों से पुरुष कि परीक्षा होती है.
अगर जीवन मे कभी मौका मिले तो सारथी बनने का प्रयास करना स्वार्थी नही !
अपनी अमीरी के चर्चे कभी किसी से ना करे क्योंकि आपके सुख से सूखी होने वाले इस दुनिया मे आपके माता-पिता के अतरिक्त कोई तीसरा नही होग
हमेशा उम्मीद से अधिक करो... सफलता आपके कदम चूमेगी...
आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं
अगर ज़िन्दगी में कामयाब होना चाहते हो…तो बोलने से ज़्यादा सुनने की आदत डालो…!!
जिस प्रकार घिसने, तापने, काटने और पीटने से सोने का परीक्षण होता है. उसी प्रकार त्याग, शील, गुण, एवं कर्मों से पुरुष कि परीक्षा होती है.
अगर जीवन मे कभी मौका मिले तो सारथी बनने का प्रयास करना स्वार्थी नही !
अपनी अमीरी के चर्चे कभी किसी से ना करे क्योंकि आपके सुख से सूखी होने वाले इस दुनिया मे आपके माता-पिता के अतरिक्त कोई तीसरा नही होग
हमेशा उम्मीद से अधिक करो... सफलता आपके कदम चूमेगी...
आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं