तब तक लड़ना मत छोड़ो जब तक अपनी तय की हुई जगह पर पहुंच ना जाओ
आपकी मर्जी के बिना कोई भी आपको तुच्छ होने का अहसास नहीं करवा सकता है
दूसरों को देखने के बज़ाय आप खुद वो काम करने की कोशिश करें, जिससे कि दूसरे आप को देखें
मूर्खो से तारीफ सुनने से बुध्दिमान की डाँट सुनना ज्यादा बेहतर हैं
खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है. खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है
किरण चाहे सूर्य की हो या आशा की, जब भी निकलती है तो सभी अंधकारों को मिटा देती है
तब तक लड़ना मत छोड़ो जब तक अपनी तय की हुई जगह पर पहुंच ना जाओ
आपकी मर्जी के बिना कोई भी आपको तुच्छ होने का अहसास नहीं करवा सकता है
दूसरों को देखने के बज़ाय आप खुद वो काम करने की कोशिश करें, जिससे कि दूसरे आप को देखें
मूर्खो से तारीफ सुनने से बुध्दिमान की डाँट सुनना ज्यादा बेहतर हैं
खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है. खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है
किरण चाहे सूर्य की हो या आशा की, जब भी निकलती है तो सभी अंधकारों को मिटा देती है