चुप रहना कुछ कहने से बेहतर है अगर सामने वाला समझता ही ना हो तुम्हे
पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसको समस्या न हो और पृथ्वी पर कोई समस्या ऐसी नहीं है जिसका कोई समाधान न हो... मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों न हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते हैं
सफल जीवन के चार सुत्र मेहनत करे तो धन बने सब्र करे तो काम मीठा बोले तो पहचान बने और इज्जत करे तो नाम,
अभी से वो होना शुरू कीजिये जो आप भविष्य में होंगे
अगर रास्ता खूबसूरत है तो पता कीजिये किस मंजिल की तरफ जाता है लेकिन अगर मंजिल खूबसूरत हो तो, कभी रास्ते की परवाह मत कीजिये !! मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही मिलता जरूर है!!
जिस प्रकार घिसने, तापने, काटने और पीटने से सोने का परीक्षण होता है. उसी प्रकार त्याग, शील, गुण, एवं कर्मों से पुरुष कि परीक्षा होती है.
चुप रहना कुछ कहने से बेहतर है अगर सामने वाला समझता ही ना हो तुम्हे
पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसको समस्या न हो और पृथ्वी पर कोई समस्या ऐसी नहीं है जिसका कोई समाधान न हो... मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों न हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते हैं
सफल जीवन के चार सुत्र मेहनत करे तो धन बने सब्र करे तो काम मीठा बोले तो पहचान बने और इज्जत करे तो नाम,
अभी से वो होना शुरू कीजिये जो आप भविष्य में होंगे
अगर रास्ता खूबसूरत है तो पता कीजिये किस मंजिल की तरफ जाता है लेकिन अगर मंजिल खूबसूरत हो तो, कभी रास्ते की परवाह मत कीजिये !! मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही मिलता जरूर है!!
जिस प्रकार घिसने, तापने, काटने और पीटने से सोने का परीक्षण होता है. उसी प्रकार त्याग, शील, गुण, एवं कर्मों से पुरुष कि परीक्षा होती है.