जरूरत से ज्यादा सोचना भी इंसान की
दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.
इच्छा पूरी ना हो तो क्रोध बढ़ता है अगर इच्छा पूरी हो तो लोभ बढ़ता है जीवन मे इसलिए हर एक इस्थिति में धैर्य बनाये रखना ही श्रेष्ठता है।
समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है
खुश रहकर गुजारो, तो, मस्त है जिदंगी,.. दुखी रहकर गुजारो, तो त्रस्त है जिंदगी, तुलना में गुजारो, तो पस्त है जिंदगी, इतंजार में गुजारो, तो सुस्त है जिंदगी, सीखने में गुजारो, तो किताब है जिंदगी, दिखावे में गुजारो, तो बर्बाद है जिदंगी, मिलती है एक बार, प्यार से बिताओ जिदंगी, जन्म तो रोज होते हैं, यादगार बनाओ जिंदगी!!
खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है
जरूरत से ज्यादा सोचना भी इंसान की
दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.
इच्छा पूरी ना हो तो क्रोध बढ़ता है अगर इच्छा पूरी हो तो लोभ बढ़ता है जीवन मे इसलिए हर एक इस्थिति में धैर्य बनाये रखना ही श्रेष्ठता है।
समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है
खुश रहकर गुजारो, तो, मस्त है जिदंगी,.. दुखी रहकर गुजारो, तो त्रस्त है जिंदगी, तुलना में गुजारो, तो पस्त है जिंदगी, इतंजार में गुजारो, तो सुस्त है जिंदगी, सीखने में गुजारो, तो किताब है जिंदगी, दिखावे में गुजारो, तो बर्बाद है जिदंगी, मिलती है एक बार, प्यार से बिताओ जिदंगी, जन्म तो रोज होते हैं, यादगार बनाओ जिंदगी!!
खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है