हमारी हार इसमें नहीं है की कोई दूसरा हमे नहीं पहचानता, हार इसमें है की हम खुद अपने आप को नहीं पहचान पाते
खुद से जितना दुनिया की सबसे बड़ी जीत है
इत्र से कपड़ो का महकना कोई बड़ी बात नही, मजा तो तब है जब आपके किरदार में खुशबू महके।
नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।
हीरे की काबिलियत रखते हो तो, अँधेरे में चमका करो…रौशनी में तो कांच भी चमका करते है
प्रेम कि शिक्षा लेनी है तो भंवरे से लो. कठोर लकड़ी को छेद देने वाला भँवरा, कमल में स्वयं को बंद कर लेता है तो सिर्फ इसलिए कि उसे कमल से प्रेम होता है. यदि वह कमल को छेदकर बहार आ जायेगा तो कमल के प्रति उसका प्रेम रहा ही कहाँ?
हमारी हार इसमें नहीं है की कोई दूसरा हमे नहीं पहचानता, हार इसमें है की हम खुद अपने आप को नहीं पहचान पाते
खुद से जितना दुनिया की सबसे बड़ी जीत है
इत्र से कपड़ो का महकना कोई बड़ी बात नही, मजा तो तब है जब आपके किरदार में खुशबू महके।
नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।
हीरे की काबिलियत रखते हो तो, अँधेरे में चमका करो…रौशनी में तो कांच भी चमका करते है
प्रेम कि शिक्षा लेनी है तो भंवरे से लो. कठोर लकड़ी को छेद देने वाला भँवरा, कमल में स्वयं को बंद कर लेता है तो सिर्फ इसलिए कि उसे कमल से प्रेम होता है. यदि वह कमल को छेदकर बहार आ जायेगा तो कमल के प्रति उसका प्रेम रहा ही कहाँ?