विचारों को पढ़कर छोड़ देने से जीवन में कोई बदलाव नहीं आता विचार तभी बदलाव लाते हैं जब विचारों को जीवन में उतारा जाता है
मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही
कपड़ों की “मैचिंग” बिठाने से, सिर्फ शरीर “सुंदर” दिखेगा रिश्तों व हालातों से, “मैचिंग” बिठा लीजिये पूरा जीवन सुंदर हो जाएगा
गलतियां सुधार लेना ही आख़िरी विकल्प है क्योंकि चिंता कभी परिणाम को बदल नही सकती
पत्थर की कीमत जब समझ में आती है सुनसान सड़क पर जब कुत्ते घेर लेते है
इंसान का व्यक्तित्व तभी उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है...
विचारों को पढ़कर छोड़ देने से जीवन में कोई बदलाव नहीं आता विचार तभी बदलाव लाते हैं जब विचारों को जीवन में उतारा जाता है
मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही
कपड़ों की “मैचिंग” बिठाने से, सिर्फ शरीर “सुंदर” दिखेगा रिश्तों व हालातों से, “मैचिंग” बिठा लीजिये पूरा जीवन सुंदर हो जाएगा
गलतियां सुधार लेना ही आख़िरी विकल्प है क्योंकि चिंता कभी परिणाम को बदल नही सकती
पत्थर की कीमत जब समझ में आती है सुनसान सड़क पर जब कुत्ते घेर लेते है
इंसान का व्यक्तित्व तभी उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है...