प्रतिभा ईश्वर से मिलती है, नतमस्तक रहें..! ख्याति समाज से मिलती है, आभारी रहें..! लेकिन मनोवृत्ति और घमंड स्वयं से मिलते है
दुनिया वो किताब हैं जो कभी नहीं पड़ी जा सकती लेकिन ज़माना वो उस्ताद हैं जो सब कुछ सिखा देता हैं
कर्म सुख भले ही न ला सके, परंतु कर्म के बिना सुख नहीं मिलता
ज़िंदगी को आसान नहीं बस खुद को मजबूत बनाना पड़ता है
खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है
फोकस खुद पे करो जब तक लोग तुम पर फोकस ना करे
प्रतिभा ईश्वर से मिलती है, नतमस्तक रहें..! ख्याति समाज से मिलती है, आभारी रहें..! लेकिन मनोवृत्ति और घमंड स्वयं से मिलते है
दुनिया वो किताब हैं जो कभी नहीं पड़ी जा सकती लेकिन ज़माना वो उस्ताद हैं जो सब कुछ सिखा देता हैं
कर्म सुख भले ही न ला सके, परंतु कर्म के बिना सुख नहीं मिलता
ज़िंदगी को आसान नहीं बस खुद को मजबूत बनाना पड़ता है
खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है
फोकस खुद पे करो जब तक लोग तुम पर फोकस ना करे