दुनिया का उसूल हैं दोस्त जिस चीज़ के बारे में सोचना छोड़ दोगे झक्क मार के तुम्हारे पीछे आएगी
सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे
जो व्यक्ति अपने समय का सम्मान करता है, वो अपने जीवन के सारे लक्ष्य प्राप्त करता है।
मेरी मंजिल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास है घमण्ड नहीं मुझे अपने इरादों पर ये मेरी सोच और हौसले का विश्वास है
मुमकिन नहीं.., हर "वक्त" मेहरबां रहे जिंदगी! कुछ "लम्हें" .. जीने का तजुर्बा भी सिखाते है.
हम दिए को तो फूक मार के भुझा सकते है मगर अगरबत्ती को नही क्योंकि जो महकता है उसे कोन भुझा सकता है और जो जलता है वो तो खुद ही भुझ जाता है
दुनिया का उसूल हैं दोस्त जिस चीज़ के बारे में सोचना छोड़ दोगे झक्क मार के तुम्हारे पीछे आएगी
सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे
जो व्यक्ति अपने समय का सम्मान करता है, वो अपने जीवन के सारे लक्ष्य प्राप्त करता है।
मेरी मंजिल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास है घमण्ड नहीं मुझे अपने इरादों पर ये मेरी सोच और हौसले का विश्वास है
मुमकिन नहीं.., हर "वक्त" मेहरबां रहे जिंदगी! कुछ "लम्हें" .. जीने का तजुर्बा भी सिखाते है.
हम दिए को तो फूक मार के भुझा सकते है मगर अगरबत्ती को नही क्योंकि जो महकता है उसे कोन भुझा सकता है और जो जलता है वो तो खुद ही भुझ जाता है