निंदा से घबराकर लक्ष्य को मत छोड़े क्योंकि निंदा करने वालों की राय लक्ष्य मिलते ही बदल जाती है
सफल जीवन के चार सुत्र मेहनत करे तो धन बने सब्र करे तो काम मीठा बोले तो पहचान बने और इज्जत करे तो नाम
जो सच बोलता है, सबसे अधिक नफ़रत लोग उसी से करते हैं।
इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो
अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो, तरीके बदलो.. ईरादे नही
मैं सब जानता हूँ यही सोच इंसान को कुएँ का मेंढक बना देती है।
निंदा से घबराकर लक्ष्य को मत छोड़े क्योंकि निंदा करने वालों की राय लक्ष्य मिलते ही बदल जाती है
सफल जीवन के चार सुत्र मेहनत करे तो धन बने सब्र करे तो काम मीठा बोले तो पहचान बने और इज्जत करे तो नाम
जो सच बोलता है, सबसे अधिक नफ़रत लोग उसी से करते हैं।
इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो
अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो, तरीके बदलो.. ईरादे नही
मैं सब जानता हूँ यही सोच इंसान को कुएँ का मेंढक बना देती है।