सही फैसला लेना काबिलियत नही हैं फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं
रूठी पत्नी, लुप्त संपत्ति और हाथ से निकली भूमि वापस मिल सकती है, लेकिन मनुष्य जीवन पुनः नहीं मिल सकता, अतः दान-धर्म कर हमें अपना जीवन सफल बनाना चाहिए.
थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है
छाता ओर दिमाग तभी काम करते है जब वो खुले हो बंद होने पर दोनों बोझ लगते है
जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!
तुम CRY करने से नही बल्कि TRY करने से कामयाब बनोगे
सही फैसला लेना काबिलियत नही हैं फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं
रूठी पत्नी, लुप्त संपत्ति और हाथ से निकली भूमि वापस मिल सकती है, लेकिन मनुष्य जीवन पुनः नहीं मिल सकता, अतः दान-धर्म कर हमें अपना जीवन सफल बनाना चाहिए.
थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है
छाता ओर दिमाग तभी काम करते है जब वो खुले हो बंद होने पर दोनों बोझ लगते है
जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!
तुम CRY करने से नही बल्कि TRY करने से कामयाब बनोगे