वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है
आप क्या काम करते हो ? असल में वो हिसाब लगाते हैं कि आपको कितनी "इज्जत" देनी है।
आपकी नाजायज कमाई का लाभ कोई भी उठा सकता है पर आपके नाजायज कर्मो का फल आपको खुद ही भुगतना पड़ता है...
बड़ा सोचो, जल्दी सोअचो, आगे सोचो . विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है
जो लोग आपको सिर्फ काम के वक़्त याद करते है उन लोगो के काम जरूर आओ क्योंकि वो अंधेरे में रोशनी ढूंढते है और वह रोशनी आप हो..
अगर सफल होने का जुनून सर पर है तो मुश्किले आप को नहीं रोक पायेगी .
वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है
आप क्या काम करते हो ? असल में वो हिसाब लगाते हैं कि आपको कितनी "इज्जत" देनी है।
आपकी नाजायज कमाई का लाभ कोई भी उठा सकता है पर आपके नाजायज कर्मो का फल आपको खुद ही भुगतना पड़ता है...
बड़ा सोचो, जल्दी सोअचो, आगे सोचो . विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है
जो लोग आपको सिर्फ काम के वक़्त याद करते है उन लोगो के काम जरूर आओ क्योंकि वो अंधेरे में रोशनी ढूंढते है और वह रोशनी आप हो..
अगर सफल होने का जुनून सर पर है तो मुश्किले आप को नहीं रोक पायेगी .