ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी
जब तक आप प्रसिद्ध नहीं हो जाते, उस समय तक आपको ये सोचने की जरूरत नहीं कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं
घाव को भरने के लिए आपको उसे छूना बंद करना होगा
पैर खिचने से अच्छा है हाथ खिंचिये, क्या पता अपना कोई ऊपर आ जाये !!
मन खुश है तो,, एक बूँद भी बरसात है.. दुखी मन के आगे,, समंदर की क्या औकात है
जिसकी मति और गति सत्य कि हो उसका रथ आज भी श्री कृष्ण चलाते है
ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी
जब तक आप प्रसिद्ध नहीं हो जाते, उस समय तक आपको ये सोचने की जरूरत नहीं कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं
घाव को भरने के लिए आपको उसे छूना बंद करना होगा
पैर खिचने से अच्छा है हाथ खिंचिये, क्या पता अपना कोई ऊपर आ जाये !!
मन खुश है तो,, एक बूँद भी बरसात है.. दुखी मन के आगे,, समंदर की क्या औकात है
जिसकी मति और गति सत्य कि हो उसका रथ आज भी श्री कृष्ण चलाते है