अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो, तरीके बदलो.. ईरादे नही
सफ़लता की खुशियां मनाना ठीक है, लेकिन असफलताओं से सबक सीखना अधिक महत्वपूर्ण है।
सिर्फ अपनी नही बल्कि दुसरो की गलतियों से भी सीखो, क्योंकि लक्ष्य बड़ा है और समय कम
खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं
जो कभी उद्यंडका-सा वेष नहीं बनाता, दूसरों के सामने अपने पराक्रम की डींग नही हांकता, क्रोध से व्याकुल होने पर भी कटुवचन नहीं बोलता, उस मनुष्य को लोग सदा ही प्यारा बना लेते हैं।
दुष्टों से दुष्टता करने में कोई दोष नहीं है.
अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो, तरीके बदलो.. ईरादे नही
सफ़लता की खुशियां मनाना ठीक है, लेकिन असफलताओं से सबक सीखना अधिक महत्वपूर्ण है।
सिर्फ अपनी नही बल्कि दुसरो की गलतियों से भी सीखो, क्योंकि लक्ष्य बड़ा है और समय कम
खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं
जो कभी उद्यंडका-सा वेष नहीं बनाता, दूसरों के सामने अपने पराक्रम की डींग नही हांकता, क्रोध से व्याकुल होने पर भी कटुवचन नहीं बोलता, उस मनुष्य को लोग सदा ही प्यारा बना लेते हैं।
दुष्टों से दुष्टता करने में कोई दोष नहीं है.