कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला पर हम डूबने वालो का जज़्बा भी नहीं बदला है शौक-ए-सफ़र ऐसा, कि एक उम्र से हमने मंज़िल भी नहीं पायी और रस्ता भी नहीं बदला
इंसान सफल तब होता है जब वो जरूरत और चाहत के बीच फर्क समझ लेता है
दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों, जो तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।
तेरे पास जो है उसकी कदर कर, यहां आसमान के पास भी खुद की ज़मीं नहीं
यदि आप पैसा खर्च करते समय सोचते है तो इसका मतलब यह है कि आप मेहनत का पैसा कमा रहे है
चुप रहना कुछ कहने से बेहतर है अगर सामने वाला समझता ही ना हो तुम्हे
कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला पर हम डूबने वालो का जज़्बा भी नहीं बदला है शौक-ए-सफ़र ऐसा, कि एक उम्र से हमने मंज़िल भी नहीं पायी और रस्ता भी नहीं बदला
इंसान सफल तब होता है जब वो जरूरत और चाहत के बीच फर्क समझ लेता है
दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों, जो तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।
तेरे पास जो है उसकी कदर कर, यहां आसमान के पास भी खुद की ज़मीं नहीं
यदि आप पैसा खर्च करते समय सोचते है तो इसका मतलब यह है कि आप मेहनत का पैसा कमा रहे है
चुप रहना कुछ कहने से बेहतर है अगर सामने वाला समझता ही ना हो तुम्हे