मौन एक ऐसा तर्क है जिसका खण्डन कर पाना अत्यंत दुष्कर है

मौन एक ऐसा तर्क है जिसका खण्डन कर पाना अत्यंत दुष्कर है

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नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।

सिर्फ अपनी नही बल्कि दुसरो की गलतियों से भी सीखो, क्योंकि लक्ष्य बड़ा है और समय कम

यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।

तन की खूबसूरती एक भ्रम है..! सबसे खूबसूरत आपकी "वाणी" है..! चाहे तो दिल "जीत" ले. चाहे तो दिल "चीर" दे"! इन्सान सब कुछ कॉपी कर सकता है..! लेकिन किस्मत और नसीब नही..!

खुद मालिक बनने की कोशिश जरूर करना क्योंकि आपका बॉस आपको अच्छी से अच्छी सैलरी देकर भी नौकर बना के रखेगा

सलाह के सौ शब्दों से ज्यादा ..! अनुभव की एक ठोकर इंसान को बहुत मजबूत बनाती है ..!!

नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।

सिर्फ अपनी नही बल्कि दुसरो की गलतियों से भी सीखो, क्योंकि लक्ष्य बड़ा है और समय कम

यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।

तन की खूबसूरती एक भ्रम है..! सबसे खूबसूरत आपकी "वाणी" है..! चाहे तो दिल "जीत" ले. चाहे तो दिल "चीर" दे"! इन्सान सब कुछ कॉपी कर सकता है..! लेकिन किस्मत और नसीब नही..!

खुद मालिक बनने की कोशिश जरूर करना क्योंकि आपका बॉस आपको अच्छी से अच्छी सैलरी देकर भी नौकर बना के रखेगा

सलाह के सौ शब्दों से ज्यादा ..! अनुभव की एक ठोकर इंसान को बहुत मजबूत बनाती है ..!!