जंजीर नहीं कटती तो अपने पांव काट लो, लंगड़ा कर चलो, मगर आज़ादी से चलो
आत्मविश्वास के साथ आप गगन चूम सकते हैं और आत्मविश्वास के बिना मामूली सी उपलब्धियाँ भी आपकी पकड़ से परे हैं..!!
अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.
किसी व्यक्ति के प्रति इतना भी समर्पण नही होना चाहिये की आप स्वयं को धीरे धीरे खोने लगे
सफ़लता का सीधा संबंध परिश्रम से है,जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है, वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता।
कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते, पर अमीर जरूर बना देते हैं.
जंजीर नहीं कटती तो अपने पांव काट लो, लंगड़ा कर चलो, मगर आज़ादी से चलो
आत्मविश्वास के साथ आप गगन चूम सकते हैं और आत्मविश्वास के बिना मामूली सी उपलब्धियाँ भी आपकी पकड़ से परे हैं..!!
अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.
किसी व्यक्ति के प्रति इतना भी समर्पण नही होना चाहिये की आप स्वयं को धीरे धीरे खोने लगे
सफ़लता का सीधा संबंध परिश्रम से है,जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है, वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता।
कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते, पर अमीर जरूर बना देते हैं.